यूपी की रेल अवसंरचना को मिलेगी वैश्विक तकनीक: जर्मनी में 200 करोड़ के निवेश पर सहमति

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैश्विक निवेश को मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जर्मनी दौरे के दौरान अग्रणी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी रेलवन के साथ करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति बनी है।

उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी स्थित रेलवन के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का दौरा किया, जहां अत्याधुनिक रेलवे ट्रैक और कंक्रीट स्लीपर निर्माण प्रणाली का गहन अध्ययन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को लेकर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। इस सहयोग से उत्तर प्रदेश को उच्च गुणवत्ता वाली रेल इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ मिलने की संभावना है।

जर्मनी प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री को सर्विस सेक्टर में निवेश की मजबूत संभावनाएं नजर आईं। ड्रोन तकनीक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्ट सिटी, आईटी सेवाएं, स्किल डेवलपमेंट, हेल्थकेयर सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में जर्मन कंपनियों ने विशेष रुचि दिखाई। इसके साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा-फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और 660 मेगावाट डेटा सेंटर क्षमता जैसे विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई।

प्रदेश में रेल अवसंरचना को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश में आधुनिक रेल अवसंरचना के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी व्यापक सुधार की उम्मीद है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश निवेशकों के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी।

जर्मनी से ही यूके निवेशकों से संवाद

जर्मनी में चल रही एआई इंपैक्ट समिट के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने अपनी प्रस्तावित यूके यात्रा स्थगित करते हुए वहीं से यूके के निवेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन-टू-वन संवाद किया। इस वर्चुअल बैठक में यूपी के औद्योगिक रोडमैप, सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई, जिस पर निवेशकों ने प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक सहमति जताई।

 

 

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