मिडिल ईस्ट के तनाव से भारत में हिंसा भड़कने का खतराः गृह मंत्रालय ने राज्यों को भेजा अलर्ट, कट्टरपंथी उपदेशकों पर नजर रखने के निर्देश
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे भीषण संघर्ष की लपटें अब भारत की सीमाओं तक पहुंचने की आशंका जता रही हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इज़रायल ने तेहरान सहित ईरान के प्रमुख शहरों पर अब तक के सबसे घातक हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में ईरान के दर्जनों शीर्ष सैन्य कमांडर और नेता मारे जा चुके हैं।
ईरान ने बदले की कार्रवाई में इज़रायल, यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन समेत कम से कम 9 देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। खामेनेई की मौत के विरोध में कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं, जबकि भारत में भी कुछ जगहों पर ईरान समर्थक प्रदर्शन देखे गए हैं। जहां लोग काफी आक्रमक नजर आए हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने सतर्कता बरतते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी किया है। गृह मंत्रालय ने 28 फरवरी को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत पत्र भेजा है, जिसमें मध्य पूर्व संकट के चलते भारत में संभावित हिंसा और अशांति की आशंका जताई गई है।
गृह मंत्रालय के पत्र में मुख्य बातें:
- ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों और भड़काऊ भाषण देने वालों की पहचान और निगरानी तुरंत शुरू करें
- मध्य पूर्व युद्ध से जुड़े प्रदर्शनों पर सतर्क नजर रखें
- किसी भी तरह की हिंसा या सांप्रदायिक तनाव की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संभावित उपाय अपनाएं
ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “जब तक हमारे सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, ईरान पर हमले जारी रहेंगे।” अमेरिका का दावा है कि इन हमलों में खामेनेई के अलावा 40 से अधिक ईरानी नेता और कमांडर मारे गए हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी
ईरान ने जवाब में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को फिर से निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में अमेरिका ने अब तक अपने 3 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ ही भारत सरकार ने साफ संकेत दिया है कि देश में किसी भी तरह की अशांति या सांप्रदायिक उन्माद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां और राज्य पुलिस बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि कोई भी उकसावे वाली गतिविधि या हिंसा की कोशिश को शुरुआत में ही कुचल दिया जा सके।
