Uttrakhand: यूजीसी के समर्थन में बनी कमेटी, जीआर टम्टा बने संरक्षक
हल्द्वानी, अमृत विचार। विभिन्न संगठनों ने दमुवाढूंगा में सभा का आयोजन किया और यूजीसी गाइडलाइन का समर्थन किया। यूजीसी के समर्थन में15 मार्च को निकाली जाने वाली रैली की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
जीआर टम्टा ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने और समान अवसर सुनिश्चित करने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, यूजीसी ने 2012 के पुराने नियमों को मजबूत करने के लिए नए नियम बनाए। इन नियमों का उद्देश्य एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और दिव्यांगों के खिलाफ भेदभाव को रोकना है। नफीस अहमद खान ने कहा कि इक्विटी कमेटी हर संस्थान में शिकायतों का निवारण करेगी। ईओसी समान अवसर प्रकोष्ठ को मजबूत किया जाएगा जो वंचित वर्गों के छात्रों को मदद करेगा।
यूजीसी के समर्थन में कमेटी का भी गठन किया गया। जीआर टम्टा को कमेटी का संरक्षक बनाया गया। साथ ही तय हुआ कि यूजीसी के समर्थन में 15 मार्च को रैली निकाली जाएगी और लोगों को जागरुक किया जाएगा। इस दौरान शंकर लाल, सुंदरलाल बौद्ध, आरआर आर्य, गंगा प्रसाद, विनोद कुमार पिन्नू, एमआर आर्य, बीएल आर्य, जितेंद्र वर्मा, विनोद कुमार बौद्ध, योगिता दीप, वीरेंद्र टम्टा, दीप दर्शन, प्रेम राम, विकास, पंकज आंबेडकर, आकाश भारती, संजय कुमार, गजेंद्र पाल, रमेश चंद्र, चंद्र प्रकाश, नीरू कपूर थे। बैठक में मूल निवासी संघ, भीम आर्मी, लोकतांत्रिक मंच, डॉ. आंबेडकर मिशन एवं फाउंडेशन, डॉ. आंबेडकर जनकल्याण समिति, प्रगतिशील अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी थे।
