ईरानी युद्धपोत डुबाये जाने पर अखिलेश ने भारत के रुख पर उठाये सवाल, कहा- केंद्र की चुप्पी चिंताजनक

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका द्वारा श्रीलंका के दक्षिणी छोर पर ईरानी युद्धपोत को 'डुबा दिये जाने' पर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के रुख की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि लोग इसे 'चुप्पी' मानें या किसी विशेष भय के कारण इसे 'घिग्घी बंधना' माना जाए। 

उन्होंने कहा कि देश के लिए मौजूदा समय 'सरकार-शून्यता' का काल है। यादव ने 'एक्स' पर कहा कि अमेरिकी-इजराइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ''यह इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे 'चुप्पी' माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे 'घिग्घी बंधना' माना जाए।''

 उन्होंने कहा, ''भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है?'' उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते यह देश की सरकार, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का संयुक्त दायित्व बनता है कि वे इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करें, मगर कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुंह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने तंज कसा, ''जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है, वह करेगी क्या, यह सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।'' 

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीका ढूंढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि भाजपा के सदस्य आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह समय 'सरकार-शून्यता' का काल है। 

श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी हमले के बाद 'आईरिस देना' नामक एक ईरानी नौसैन्य जहाज डूब गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबा दिया। यह ईरानी जहाज हाल में भारत द्वारा पिछले महीने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था। 

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