कानपुर : पेंशनर्स फोरम ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, रखी ये प्रमुख मांगें...
कानपुर। पेंशनर्स फोरम ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। फोरम की 15 फरवरी को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में यह ज्ञापन दिया गया, जिसे मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दलजीत सिंह ने प्राप्त किया।
फोरम ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि आठवें वेतन आयोग के निर्णयों में पेंशनरों को भी शामिल किया जाए ताकि उन्हें मिलने वाले लाभ से वंचित न किया जाए। इसके साथ ही 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को वेतन और पेंशन में जोड़े जाने की मांग भी की गई है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों में व्याप्त असंतोष को दूर किया जा सके।
ज्ञापन में सभी पेंशनरों को आयकर से मुक्त करने, कोशियारी समिति की सिफारिशों के आधार पर ईपीएस-95 के सेवानिवृत्त कर्मियों को 7500 रुपये मासिक पेंशन तथा उस पर महंगाई भत्ता देने की मांग भी उठाई गई है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना काल से पहले रेलवे सहित मिलने वाली सभी रियायतें पुनः बहाल करने की भी मांग की गई।
फोरम ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आईआईटी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीजीएचएस की सुविधा देने तथा सभी पेंशनरों को दो वर्ष में एक बार एक सहायक के साथ भारत भ्रमण की सुविधा प्रदान करने की भी मांग की है। इसके अलावा कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई राहत भत्ते का भुगतान किस्तों में किए जाने और पेंशन राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के बजाय 12 वर्ष में समाप्त करने का अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन देने वालों में फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी, अध्यक्ष राजेश शुक्ला, बी.एल. गुलबिया, पी.एस. बाजपेई, सत्य नारायण, भानु प्रकाश निगम, आर.पी. शुक्ल, आर.पी.एस. श्रीवास्तव, एच.एन. तिवारी, विनय प्रकाश उपाध्याय, शिव शंकर, उमेश शुक्ल, रविन्द्र कुमार मधुर, आर.पी. वर्मा, मुमताज हुसैन और आनंद सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
