शीतला अष्टमी पर मंदिरों में आस्था की भीड़: महिलाओं ने चढ़ाया बसौड़ा भोग, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना

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Published By Anjali Singh
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अमृत विचारः शीतला अष्टमी के अवसर पर शहर के मंदिरों में बुधवार भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। टिकैतगंज स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर समेत आलम नगर दुर्गा देवी मंदिर और हसनगंज बावली मसानी देवी मंदिर में महिलाओं ने व्रत रखकर माता की पूजा-अर्चना की और बसौड़ा (बासी भोजन) का भोग लगाया।

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सुबह से ही महिलाएं पूड़ी, पूआ, दाल-भात, मिठाई और सब्जी लेकर मंदिर पहुंचीं और माता शीतला को अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना करते हुए दर्शन किए। मान्यता है कि शीतला अष्टमी पर व्रत रखने और बसौड़ा का भोग लगाने से शीतजनित रोगों से मुक्ति मिलती है और घर-परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

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मंदिर परिसर को पुष्पों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट रात से ही खोल दिए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके।

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प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए और पुलिसकर्मी तैनात रहे। टिकैतगंज के प्राचीन मंदिर में माता शीतला सात देवियों के साथ पिंडी रूप में विराजमान हैं, जहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

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शीतला अष्टमी के अवसर पर यहां ‘आठों मेला’ लगा। जहां लगभग डेढ़ किलोमीटर तक रोजमर्रा के सामान, घरेलू वस्तुओं, बच्चों के खिलौनों और फास्ट फूड की दुकानों की कतारें सज रहीं। महिलाओं ने माता को हलुआ, पूड़ी, गुलगुला, पुआ और ऐठी-ग्वैठी का भोग लगाकर आशीर्वाद लिया। मान्यता के अनुसार शीतला अष्टमी के साथ ही होली पर्व का समापन भी माना जाता है।

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