संसद सत्र : लोकसभा में किरेन रिजिजू बोले- LPG मुद्दे पर विशेष अनुमति के बावजूद विषय से भटक गए राहुल गांधी
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिल रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को सदन में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी के मुद्दे पर विशेष अनुमति देकर उन्हें बोलने का मौका दिया था, लेकिन उन्होंने विषय से हटकर अन्य मुद्दों पर बात की।
किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा, "संसद में हमने राहुल गांधी से पूछा कि वे इस मुद्दे (एलपीजी सिलेंडर) को किस समय उठाना चाहते हैं। उस समय लोकसभा में अन्य विषयों पर चर्चा चल रही थी। हमने फिर कहा कि यदि स्पीकर विशेष अनुमति देंगे तो सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। पेट्रोलियम मंत्री तुरंत इस विषय पर बयान देने के लिए तैयार हुए और राहुल गांधी को विशेष अनुमति दी गई। आप यह याद रखिए कि यह अनुमति किसी और को नहीं, बल्कि केवल लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई थी। उन्हें शाम चार बजे इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दी गई।"
उन्होंने आगे कहा, "जब राहुल गांधी को बोलने का अवसर मिला, तो उन्होंने एलपीजी के मुद्दे पर बात करने के बजाय अन्य विषय से जुड़े विषयों पर बोलना शुरू कर दिया। स्पीकर ने उनसे आग्रह किया कि उन्हें विशेष अनुमति केवल एलपीजी के मुद्दे पर बोलने के लिए दी गई है, वह भी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर। सामान्यतः ऐसी अलग से अनुमति नहीं दी जाती, फिर भी उन्हें दी गई। इसके बावजूद, उन्होंने नोटिस में उल्लेखित विषयों के अलावा अन्य मुद्दों जैसे अमेरिका और सप्लाई से जुड़ी बातें उठानी शुरू कर दीं। यह बहुत दुख की बात है।"
रिजिजू ने कहा, "हमने फिर खड़े होकर विरोध किया और उनसे कहा कि राहुल गांधी, कृपया विषय पर बोलिए। सरकार की ओर से भी उनसे अनुरोध किया गया और स्पीकर ने भी बार-बार कहा कि जिस विषय पर नोटिस दिया गया है, उसी पर बोलें, लेकिन उन्होंने उस विषय पर बात नहीं की।" रिजिजू ने बताया कि जब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सदन को विस्तार से जानकारी दे रहे थे, तब राहुल गांधी ने अपने सांसदों को वेल में भेज दिया। कागज फाड़कर फेंके गए और हंगामा किया गया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
उन्होंने कहा, "आज कांग्रेस के और अन्य कई नेता हमसे मिले और आठ सांसदों के निलंबन का जिक्र किया, लेकिन अगर इस तरह का व्यवहार होगा, नियमों को बदलकर और संशोधित करके नेता प्रतिपक्ष को विशेष अनुमति देने के बाद भी ऐसा आचरण किया जाएगा तो नेता प्रतिपक्ष की भूमिका को लेकर देश के लोगों को भी सोचना चाहिए। बाकी लोकसभा की कार्यवाही चलती रहेगी, जैसा कि आज स्पीकर ने कहा है।"
