खर्राटे नहीं, खतरे की घंटी! स्लीप एप्निया से जूझ रहे भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग, नई सोसाइटी ने ली जिम्मेदारी
लखनऊ, अमृत विचार : खर्राटे एवं निद्रा संबंधी रोग देश-दुनिया में काफी बड़ी समस्या हैं। हमारे देश में 40 प्रतिशत वयस्क पुरुष, 20 प्रतिशत वयस्क महिलाएं तथा 10 प्रतिशत बच्चों को खर्राटे आते हैं। देश में लगभग 10 करोड़ से ज्यादा लोग खर्राटों के कारण होने वाली ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) से पीड़ित हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए आज इसके संबंध में एक संस्था स्नोरिंग एण्ड स्लीप रिलेटेड डिसऑर्डर्स सोसाइटी की स्थापना की गयी है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त को चुना गया।
राष्ट्रीय सचिव के रूप में हिन्दी मेडिकल साइंसेस, अयोध्या रोड, बाराबंकी की डॉ. श्वेता कंचन को चुना गया। केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की डॉ. ज्योति बाजपेई को उपाध्यक्ष एवं डॉ. अंकित कुमार को कोषाध्यक्ष के पद पर चुना गया।
