चार साल के मासूम के माता-पिता ही बने हैवान... पहले दीवार से लड़ाया था सिर, फिर टॉर्चर कर डंडों से पीटा

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Published By Muskan Dixit
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर से पैर तक मिली 22 चोटें, सिर की हड्डी टूटी

लखनऊ, अमृत विचार: चौक के लाजपतनगर में गुरुवार को अर्नव (04) की मौत संदिग्ध नहीं थी। बल्कि उसके पिता और सौतेली मां ने उसे मौत के घाट उतारा था। आरोपी दंपति कई महीनों से मासूम को टॉर्चर कर रहे थे। आरोपियों ने मासूम का सिर दीवार से लड़ाया था। पैर बांधकर उसे डंडे व थप्पड़ से इस कदर पीटा कि शरीर नीला पड़ गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर से लेकर पैर तक 21 चोटें मिली हैं। सिर की हड्डी टूटने से उसकी मौत हुई है। अर्नव की मौत से आक्रोशत उसके मामा ने पोस्टमार्टम हाउस में पिता से सवाल-जवाब किए तो दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। उनके बीच हाथापाई हुई। पुलिस ने उन्हें अलग कराया। चौक पुलिस ने नानी की तहरीर पर भीष्म और सौतेली मां के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

लाजपत नगर निवासी भीष्म खरबंदा ने मेट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए उन्नाव शुक्लागंज अंबिकापुरम निवासी स्वाती से 30 नवंबर 2020 को शादी की थी। 16 अक्टूबर 2021 को स्वाती ने अर्नव को जन्म दिया था। स्वाती बेटे के जन्म के बाद से बहुत खुश थी। छह माह बाद स्वाती की मौत हो गई। परवरिश के लिए नानी सुधा कश्यप अपने साथ अर्नव को शुक्लागंज ले गई थी। करीब साढ़े तीन वर्ष तक उन्होंने अर्नव का पालन पोषण किया। इस बीच भीष्म ने राजस्थान की रहने वाली रागिनी से शादी कर ली। कोर्ट के आदेश भीष्म को अगस्त 2025 में बेटे अर्नव की कस्टडी मिली तो वह उसे घर ले आया था।

गुरुवार को भीष्म ने साले रोहित को कॉल कर सूचना दी कि उल्टी और दस्त होने पर अर्नव की बाथरूम में गिरकर मौत हो गई है। सूचना पर नानी सुधा, मामा रोहित और मौसी काजल चौक पहुंचे। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान देखकर मामा रोहित ने पुलिस को सूचना दी। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मासूम के सिर, सीने, हिप्स, कंधे, माथे और पैर पर 22 से अधिक चोटों के निशान मिले हैं। इसके अलावा सिर की हड्डी टूटने से बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमॉर्टम होने के बाद अर्नव का शव पुलिस ने पिता भीष्म को सौंप दिया। पुलिस मौजूदगी ने भीष्म ने बेटे के शव का अंतिम संस्कार गुलाला घाट पर किया।

पुलिस ने नानी सुधा की तहरीर पर भीष्म और उसकी पत्नी रागिनी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस दोनों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि अर्नव बाथरूम में गिर गया था। फिर बोले जीने से गिर गया। इसलिए इतनी चोटें लगी हैं। पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्यों पर सवाल किए। डपटकर पूछा तो बोले कि गुस्से में हाथ से पीटा था। जिससे वह मर गया।

भूखा-प्यासा रखकर करते थे टॉर्चर

रोहित ने बताया कि अर्नव को उसके पिता भीष्म और सौतेली मां बुरी तरह पीटते थी। यह बात उसके पड़ोसियों ने कई बार दी थी। भीष्म और उसकी दूसरी पत्नी, अर्नव को भूखा-प्यासा रखकर टॉर्चर करते थे। भीष्म की दूसरी शादी के बाद एक दो बार अर्नव को देखने के लिए उसके घर आया था। भीष्म का व्यवहार ठीक न होने के कारण नहीं आता था।

पैरों में बांधते थे रस्सी, सिगरेट से दागा, प्रेस से जलाया

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अर्नव के पैरों में घाव के निशान पुराने हैं। आरोपी पिता व सौतेली मां मासूम को घर में बंद रखते थे। किसी से मिलने नहीं देते थे। पैरों में रस्सी बांध कर अरनव को घर में बंधक बनाकर रखते थे। रस्सी की रगड़ के घाव के निशान पैरों में हैं। इसके अलावा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कंधे और माथे पर गंभीर चोट के नीले निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अर्नव को ऊंचाई से पटका है। कई जगह की तो खाल उधड़ी सी थी। ऐसा लग रहा है जैसे प्रेस से जलाया और सिगरेट से शरीर को दागा गया हो।

साली से करना चाहता था शादी

नानी ने बताया कि भीष्म दहेज की मांग व छोटी-छोटी बातों को लेकर स्वाती को प्रताड़ित करता था। उसकी बेरहमी से पिटाई करता था। स्वाती की मौत होने के पंद्रह दिन बाद भीष्म ने उनकी छोटी बेटी काजल से शादी करने का प्रस्ताव रख दिया। परिजन और काजल ने शादी से इंकार कर दिया। अर्नव को मौसी काजल मां की तरह रखती थी। काजल से बदला लेने के लिए भीष्म कोर्ट के जरिए अर्नव को अपने घर ले आया था।

आखिरी बार 6 मार्च को वीडियो कॉल पर दिखा था अर्नव

मौसी काजल ने बताया कि भीष्म अर्नव से मोबाइल के जरिए बात नहीं कराता था। कॉल करने पर बाहर होने की बात कहता था। वीडियो कॉल करने पर आरोपी मोबाइल का बैक कैमरा ऑन और माइक म्यूट कर देता था। फ्रंट कैमरा ऑन होने पर मासूम अर्नव सिर झुका कर बैठा रहता था। किसी बात का जवाब नहीं देता था। आखिरी बार अर्नव को 6 मार्च को वीडियो कॉल के जरिए देखा था। तब वह बीमार और सहमा लग रहा था। नानी और मौसी ने बताया कि जब वे कभी अर्नव से मिलने जाते तो रागिनी उन्हें बरामदे में बैठाती थी। बातचीत के दौरान अर्नव को अपनी गोद में रखती थी।

घाव छिपाने के लिए पहनाते थे फुल कपड़े

नानी सुधा ने बताया कि अर्नव को रागिनी फुल आस्तीन की टी-शर्ट, पैंट और मोजे पहनाकर रखती थी। पूछने पर रागिनी बताती थी कि अर्नव की तबीयत खराब है। गुरुवार को घटना के बाद भी अर्नव के पैरों में मोजे थे। मोजे उतारने पर घाव दिखे। आशंका होने पर पीड़ितों ने मासूम के कपड़े उतारे तो चोटों के निशान देख रोने लगे।

 

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