एलपीजी बुकिंग में छूट रहे छक्के, होटलों में जलीं कोयले की भट्ठियां;काॅमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति अब भी ठप,  लगी रहीं लाइन

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। भले ही आसमान से आग बरसने लगी हो, लेकिन चूल्हे की आग के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगाना मजबूरी बन गया है। कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति ठप है। होटल-रेस्टोरेंट में खाना पकाने का संकट गहरा गया है। मजबूरन कोयले की बड़ी-बड़ी भट्ठियां जलाई जा रही हैं। सिलेंडर बुकिंग कराने में तो लोगों के छक्के छूट जा रहे हैं। वेबसाइट ही नहीं चल रही है।

शहर की कई एलपीजी एजेंसियों पर शुक्रवार को भी घरेलू सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। लोग सुबह से दोपहर तक इंतजार करते रहे, लेकिन कई एजेंसियों ने बुकिंग रोक दी या खाली हाथ लौटा दिया। हंगामा होने की भी खबरें आई हैं। एजेंटों का कहना है कि घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन पैनिक बुकिंग के कारण स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है। वहीं कॉमर्शियल 19 किलो सिलेंडर की आपूर्ति लगभग बंद है। होटल व्यापारी बताते हैं कि उनके पास स्टॉक सिर्फ कुछ दिनों का बचा है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो अगले 48 घंटों में अयोध्या के 50 प्रतिशत से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।

सिविल लाइंस स्थित एक होटल में तो बड़ी-बड़ी कोयले की भट्टियां जलाई जा रही हैं। इन भट्टियों पर ही खाना पकाया जा रहा है। कई होटल मालिकों ने कोयला, लकड़ी और इलेक्ट्रिक इंडक्शन/राइस कुकर का सहारा लिया है। वहीं मार्केट में इंडक्शन चूल्हे की मांग बढ़ गई है।

पांच घंटे तक इंतजार किया नहीं मिला

कैंट क्षेत्र स्थित एक एजेंसी के बाहर खड़े सहादतगंज निवासी शिवा ने बताया कि पांच दिन पहले सिलेंडर बुक किया था, शुक्रवार को लेने पहुंचा तो पांच घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। मुझे तो लग रहा है कि एजेंसी वाले सिलेंडर ब्लैक में दे रहे हैं। दो से तीन हजार रुपये ले रहे हैं।

सिलेंडर लेने के लिए अब दो दिन बाद आना

सदर बाजार निवासी शिवा ने बताया कि हम सिलेंडर लेने आए थे, लेकिन लौटा दिया गया। कहा कि दो दिन बाद आना, जबकि यहां एजेंसी के बाहर गाड़ी खड़ी कर सिलेंडर ब्लैक में दिया गया है। सिलेंडर न मिलने से बहुत दिक्कत हो रही है। ऐसे ही कब तक हम लोग भटकेंगे।

बुक नहीं होगा तो मिलेगा कैसे

सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम मलिकपुर निवासी अंबुज पाठक ने बताया कि वह दो दिन सिलेंडर बुक करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन साइट ही नहीं चल रही है। बुक करने में पूरा-पूरा दिन बीत जा रहा है। जब सिलेंडर बुक ही नहीं हो रहा तो प्राप्त कैसे करेंगे?

कुछ अलग विकल्प तलाशना होगा

ध्रुव मौर्या ने बताया कि उन्होंने रविवार को बुकिंग थी, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद लौटा दिया गया। उनसे कहा गया कि दो दिन बाद आना, जबकि एजेंसी में सिलेंडर मौजूद है। घर पर सिलेंडर खत्म हो गया है। कुछ न कुछ विकल्प तो तलाशना ही पड़ेगा।

घरेलू सिलेंडर मिलने में कोई परेशानी नहीं है। लोग पैनिक बिल्कुल भी न हों। कई जगहों पर शुक्रवार को 10 तारीख की बुकिंग का सिलेंडर दिया गया है। एक ही साइट पर सभी सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इसलिए वह क्रैश हो जा रही है।-बृजेश मिश्रा, जिला आपूर्ति अधिकारी।

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