UP में Ola-Uber के लिए नया सख्त नियम: बिना वजह बताए अगर राइड की कैंसिल तो होगी 10% कटौती, जानें पूरी details

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ : यूपी में ऐप-बेस्ड कैब (Ola, Uber) और डिलीवरी सेवाओं (Zomato, Swiggy आदि) पर अब कड़े नियम लागू होने वाले हैं। परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश मोटर यान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसका मकसद सेवाओं में पारदर्शिता लाना, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और मनमानी रोकना है।

ड्राइवर और यात्री दोनों पर कैंसिलेशन पेनल्टी

- अगर ड्राइवर राइड एक्सेप्ट करने के बाद बिना वैध कारण के कैंसिल करता है, तो कुल किराए का 10% (अधिकतम 100 रुपये तक) कटेगा। यह राशि कंपनी द्वारा काटी जाएगी।
- वहीं, अगर यात्री राइड बुक करने के बाद कैंसिल करता है, तो भी 10% या अधिकतम 100 रुपये तक की कटौती अगली बुकिंग में की जाएगी।
- इससे दोनों पक्षों पर जिम्मेदारी आएगी और अनावश्यक कैंसिलेशन रुकेगा।

लाइसेंस और फीस के नए नियम

- सभी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स (Ola, Uber आदि), डिलीवरी सेवाएं और ई-कॉमर्स ट्रांसपोर्ट को राज्य में लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
- ऑनलाइन आवेदन पर 25,000 रुपये आवेदन शुल्क + 5 लाख रुपये लाइसेंस फीस।
- वाहनों की संख्या के आधार पर 10 लाख से 50 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी।
- लाइसेंस की वैधता 5 साल होगी।

सुरक्षा और ड्राइवर चयन के सख्त प्रावधान

- यात्रियों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा कवर अनिवार्य।
- ड्राइवरों के लिए 5 लाख स्वास्थ्य बीमा + 10 लाख दुर्घटना बीमा।
- ड्राइवर चुनने के लिए: आधार वेरिफिकेशन, पुलिस चरित्र सत्यापन, कम से कम 2 साल का ड्राइविंग अनुभव।
- प्लेटफॉर्म से जोड़ने से पहले 40 घंटे का प्रशिक्षण देना जरूरी।
- वाहनों के लिए: वैध रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, PUC, GPS ट्रैकिंग अनिवार्य।
- 12 साल से पुराने वाहनों को प्लेटफॉर्म पर शामिल नहीं किया जाएगा।

क्या कहता है विभाग?

परिवहन विभाग का कहना है कि ये नियम यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करेंगे, सेवाओं में पारदर्शिता लाएंगे और ड्राइवर-यात्री दोनों की शिकायतों पर लगाम लगाएंगे। ड्राफ्ट पर आम जनता, कंपनियां और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के अंदर सुझाव/आपत्तियां मांगी गई हैं।

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