नोएडा : सफाई में लापरवाही पर 100 कर्मचारी हटाए, 15 ठेकेदार कंपनियों को नोटिस
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के निर्देश पर सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण ने सौ सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि सफाई कार्य से जुड़ी पंद्रह ठेकेदार कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है।
शनिवार को सीईओ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में साफ कहा कि शहर की साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं या ड्यूटी में ढिलाई बरत रहे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही जिन ठेकेदार कंपनियों को शहर की सफाई का जिम्मा दिया गया है, अगर वे व्यवस्था संभालने में असमर्थ हैं तो उनके खिलाफ आर्थिक दंड लगाने के साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए।
इन निर्देशों के बाद प्राधिकरण अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए करीब सौ कर्मचारियों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की निगरानी रिपोर्ट के आधार पर हटाकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। अधिकारियों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी लापरवाही सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राधिकरण की इस सख्ती के बाद सफाई कार्य से जुड़े ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। स्थिति संभालने के लिए ठेकेदारों ने आनन-फानन में करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों को बाहर से बुलाकर शुक्रवार को शहर में सफाई कराई, ताकि व्यवस्था प्रभावित न हो। दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों के नेताओं ने प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता की मांग की, लेकिन शीर्ष अधिकारियों और महाप्रबंधकों ने फिलहाल बातचीत से इनकार कर दिया।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पहले सभी कर्मचारी बिना किसी शर्त के काम पर लौटें, उसके बाद ही बैठक कर आगे की बातचीत की जाएगी। प्राधिकरण प्रशासन का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जरूरत पड़ने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
