बदायूं: पूर्व मंत्री ने कांशीराम की प्रतिमा लगवाने के लिए अध्यक्ष को लिखा पत्र

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Published By Monis Khan
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बदायूं, अमृत विचार। बहुजन समाज के महानायक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की जयंती पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री आबिद रजा ने अपने कैंप कार्यालय पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। नगर पालिका अध्यक्ष फात्मा रजा को पत्र लिखकर शहर के किसी चौराहे या पार्क में कांशीराम की प्रतिमा लगवाने को कहा है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि कांशीराम का पूरा जीवन बहुजन समाज को संगठित करने और उसे सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक अधिकार दिलाने के संघर्ष में समर्पित रहा। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और उनके आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। कांशीराम ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्ग के लोगों को एकजुट कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। देशभर में घूमकर बहुजन समाज को संगठित करने का कार्य किया और विश्वास दिलाया कि संगठित होकर ही अपने अधिकारों की लड़ाई जीती जा सकती है। 

कांशीराम ने जाति के आधार पर बंटे और कमजोर किए गए समाज के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों में आत्मसम्मान की भावना जगाई। पूरे देश में सामाजिक जागरूकता का अभियान चलाया और बहुजन समाज को एक मजबूत राजनीतिक व सामाजिक ताकत के रूप में खड़ा करने का प्रयास किया। कांशीराम का संघर्ष और उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 

उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत लाभ या पद की चिंता नहीं की, बल्कि हमेशा समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया। उन्होंने बहुजन समाज को ताकत का एहसास कराया। उनका जीवन हमें संदेश देता है कि अगर समाज के कमजोर वर्ग एकजुट होकर संघर्ष करें तो वे अपने अधिकार और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में सच्चे अर्थों में समानता और न्याय स्थापित किया जा सकता है। सभासद मुशाहिद अली, अफसर अली खां, कौसर अली, छोटू, बब्लू रिजवान, रजी उद्दीन, मिंटू, मानू आदि लोग मौजूद रहे।

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