ब्रिक्स देशों ने सराहा ‘एक पेड़ मां के नाम’ यूपी मॉडल, रिकॉर्ड पौधरोपण से बनी वैश्विक पहचान
लखनऊ, अमृत विचार : केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्चुअल समिट में ब्रिक्स देशों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ यूपी मॉडल को सराहा। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया समेत 9 देशों के युवा प्रतिनिधियों के बीच यू‘भावनात्मक जुड़ाव’ वाले इस अभियान की सफलता ने दुनिया को राह दिखाई।
उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है। नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान ने प्रदेश को पौधरोपण में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। प्रदेश ने 9 जुलाई 2025 को एक ही दिन में 37 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। इस उपलब्धि की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच चुकी है।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्चुअल समिट में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया समेत 9 देशों के युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन देशों के युवाओं ने यूपी के इस अभियान को सराहते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहल लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ती है और इसे अपने देशों में भी लागू किया जा सकता है।
प्रतिभागियों का मानना रहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी जरूरी है और यूपी ने इसे व्यवहार में उतारा है। प्रदेश सरकार ने इस अभियान को सिर्फ पौधरोपण तक सीमित न रखकर इसे संस्कृति, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। यही मॉडल अब दुनिया के सामने उदाहरण बनकर उभर रहा है।
युवा बोले, भावनात्मक जुड़ाव ही सफलता की कुंजी
समिट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले बागपत के युवा अमन कुमार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी। बागपत के जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि यूपी का यह अभियान इसलिए सफल हुआ क्योंकि इसमें भावनात्मक जुड़ाव को प्राथमिकता दी गई। यही वजह है कि यह पहल अब वैश्विक स्तर पर प्रेरणा बन रही है।
