UP : एंटी रोमियो से लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट तक सपा पर भारी योगी सरकार
लखनऊ,अमृत विचार : महिला सुरक्षा अब सिर्फ नीतिगत घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू व्यवस्था बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति से पिछले नौ वर्षों में सपा सरकार के मुकाबले व्यापक बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2017 से पहले जहां महिला अपराध एक बड़ी चुनौती माने जाते थे, वहीं अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आई है।
पहले जहां महिला अपराधों के मामलों में देरी और कार्रवाई की कमी थी, वहीं अब त्वरित न्याय, सख्त पुलिसिंग और तकनीकी निगरानी के जरिए सुरक्षा तंत्र अधिक मजबूत हुआ है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखते हुए कई स्तरों पर ठोस कदम उठाए गए हैं। बीट पुलिसिंग, पिंक बूथ, एंटी रोमियो स्क्वाड, मिशन शक्ति और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसी व्यवस्थाओं ने सुरक्षा का बहुस्तरीय ढांचा तैयार किया है, जिससे अपराध रोकथाम और त्वरित कार्रवाई दोनों में सुधार हुआ है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट से तेज हुआ न्याय
महिलाओं और बच्चियों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 9 वर्षों में 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही सभी 75 जिलों में पॉक्सो विशेष न्यायालय संचालित हैं, जहां मामलों के निस्तारण के लिए छह माह का लक्ष्य तय किया गया है। पहले जहां ऐसे मामलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक रहती थी, वहीं अब सुनवाई की गति बढ़ी है। सरकार के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया में तेजी से पीड़िताओं का भरोसा भी बढ़ा है।
एंटी रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति का असर
2017 में गठित एंटी रोमियो स्क्वाड ने सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामलों में अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभाई है। फरवरी 2026 तक इन टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाते हुए हजारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वर्ष 2020 से संचालित मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा, जागरूकता और स्वावलंबन को जोड़ते हुए एकीकृत प्रयास किए गए हैं। इस अभियान में 40 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
तकनीक और हेल्पलाइन से बढ़ी पहुंच
महिला हेल्पलाइन 1090 के जरिए अब तक 5 करोड़ से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। इसके माध्यम से एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा ने भी प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसके अलावा सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ समेत कई शहरों में हजारों सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है। 2500 से अधिक पिंक बूथ और महिला पुलिस थानों की स्थापना ने महिलाओं को सुरक्षित और सहज माहौल प्रदान किया है।
सपा सरकार (2012–2017)
• फास्ट ट्रैक/पॉक्सो विशेष कोर्ट: 0
• महिला अपराध मामलों में लंबित दर: करीब 78%
• चार्जशीट दर: 58.3% (2012)
• दोषसिद्धि दर: 17.2%
• महिला सुरक्षा के लिए समर्पित विशेष अभियान: सीमित/अप्रभावी
योगी सरकार (2017–2026)
• फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC): 218 स्थापित
• सभी 75 जिलों में पॉक्सो कोर्ट: सक्रिय, 6 माह में निस्तारण लक्ष्य
• लंबित मामलों में कमी: 78% से घटकर ~65%
• चार्जशीट दर: 76.2% तक पहुंची
• दोषसिद्धि दर: 27.8% तक बढ़ी
• एंटी रोमियो स्क्वाड: राज्यव्यापी अभियान, हजारों पर कार्रवाई
• महिला हेल्पलाइन 1090: 5 करोड़ शिकायतों का निस्तारण
• पिंक बूथ/महिला थाने: हर जिले में व्यवस्था, 2500 पिंक बूथ
