यूपी में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, बकाया भुगतान के लिए नया नियम जारी, 50 % चुकाने पर 3 दिन ही मिलेगी बिजली
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों के लाइव होते ही उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है। कई शहरों में माइनस बैलेंस वाले कनेक्शन अपने आप कटने लगे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली जुड़वाने के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पावर कारपोरेशन ने आदेश जारी किया है कि यदि स्मार्ट मीटर में निगेटिव बैलेंस के कारण कनेक्शन कट जाए, तो उपभोक्ता बकाए का 50 प्रतिशत भुगतान करने पर तीन दिन के लिए बिजली जोड़ सकते हैं। इन तीन दिनों के दौरान पूरा रीचार्ज न करने या बैलेंस पॉजिटिव न होने पर कनेक्शन कट जाएगा। यह सुविधा प्रत्येक उपभोक्ता के लिए केवल एक बार उपलब्ध होगी।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह भी साफ किया गया है कि बैलेंस निगेटिव होने पर रीचार्ज का एक हिस्सा बकाया राशि के लिए कट जाएगा
इसमें 10 हजार रुपये बकाए पर 10 प्रतिशत रीचार्ज कटौती, 10-15 हजार रुपये बकाए पर 15 प्रतिशत, 15-20 हजार रुपये बकाए पर 20 प्रतिशत, 20 हजार रुपये से अधिक बकाए पर 25 प्रतिशत के साथ एकमुश्त बकाया न चुकाने पर ब्याज भी लगेगा।
यूपी में स्मार्ट मीटर की स्थिति
प्रदेश में 78 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं। इनमें से 70.50 लाख मीटर प्रीपेड मोड में सक्रिय हैं। पावर कॉरपोरेशन ने 13 मार्च से स्मार्ट मीटरिंग शुरू की।
प्रदेश में 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के मीटर खाते नेगेटिव बैलेंस में हैं।
मध्यांचल क्षेत्र की स्थिति
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने शनिवार से सभी स्मार्ट मीटर लाइव कर दिए हैं। जिले में कुल स्मार्ट मीटर: 1,05,232 है। ऑटोमैटिक प्रीपेड सिस्टम में बदले गए मीटर 95,960 के साथ निगेटिव बैलेंस वाले 74,840 उपभोक्ता है। इन पर बकाया राशि करीब 23.77 करोड़ रुपये है। इन उपभोक्ताओं के पास निगेटिव बैलेंस का मैसेज भी भेजा जा रहा है।
