रेशम उत्पादन से होगी किसानों की आय में बढ़ोतरी,पांच दिवसीय प्रौद्योगिक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ
अयोध्या, अमृत विचार। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के हाईटेक हाल में रेशम उत्पादन एवं क्षमता निर्माण विषय पर पांच दिवसीय प्रौद्योगिक उन्मुखीकरण कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ। यह कार्यक्रम कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन में कृषि विवि एवं केंद्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि विवि के कुलसचिव डाॅ. पीएस प्रमाणिक ने अपने संबोधन में कहा कि रेशम उत्पादन पर क्षमता निर्माण एक महत्वपूर्ण पहल है जो रेशम उद्योग को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकता है।
किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है क्योंकि वे अधिक उत्पादन कर उत्पादों को बेहतर ढंग से बेच सकते हैं। कृषि अधिष्ठाता डाॅ. प्रतिभा सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सतत रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, रेशम उत्पादन के ज्ञान, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक समझ को बढ़ाना है।
कहा कि किसानों और रेशम उत्पादकों को आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण देने की जरूरत है। निदेशक प्रशासन डाॅ. सुशांत श्रीवास्तव ने कहा कि रेशम उत्पादन के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत है। इसके उत्पादन से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं दोगुनी हो सकती हैं। किसानों को अपनी आय को बढ़ाने एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए रेशम उत्पादन का कार्य एक बेहतर विकल्प बन सकता है।
अधिष्ठाता डाॅ. सीपी सिंह व निदेशक शोध डाॅ. शंभू प्रसाद ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. उमेश चंद्रा के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति के सचिव डाॅ. जसवंत सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। विवि के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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