बाराबंकी : किसान ने फूलों की खेती से बनाई नई पहचान

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Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार: सरकारी योजनाओं के सहयोग से प्रदेश के किसान आधुनिक और अधिक लाभकारी खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। बाराबंकी जिले के युवा किसान नीरज पटेल ने फूलों की खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्हें सरकार की ''राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना'' के तहत सहायता मिली, जिसके बाद उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

पारंपरिक खेती करने वाले परिवार से आने वाले नीरज पटेल ने पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ नया करने का निर्णय लिया। उद्यान विभाग के एक कार्यक्रम में उन्हें जरबेरा फूल की खेती के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने आधुनिक तकनीक के साथ इस खेती को अपनाने का फैसला किया। वर्ष 2018 में योजना के तहत उन्हें लगभग 29.50 लाख रुपये का ऋण मिला और बाद में 50 प्रतिशत अनुदान भी प्रदान किया गया।

सरकारी सहायता से उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस स्थापित किया। इसमें करीब 25 हजार जरबेरा पौधे लगाए गए हैं, जो एक बार लगाने के बाद लगभग छह वर्ष तक उत्पादन देते हैं। ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से पौधों को बूंद-बूंद पानी दिया जाता है, जिससे पानी की बचत के साथ उत्पादन भी बेहतर होता है।

जरबेरा फूलों की मांग शादी, सजावट और विभिन्न आयोजनों में लगातार बनी रहती है। नीरज बताते हैं कि सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें हर साल करीब 8 से 10 लाख रुपये तक की शुद्ध आय हो जाती है। उनकी पहल से आसपास के पांच लोगों को रोजगार भी मिला है। नीरज अब अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ फूलों की आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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