डिजिटल कृषि की ओर तेजी से बढ़ रहा यूपी... 1,08,935 राजस्व गांवों में से 95,765 का भू-संदर्भीकरण पूरा
क्रॉप सर्वे व किसान पंजीकरण अभियान को रफ्तार
लखनऊ, अमत विचार: प्रदेश में कृषि क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का तेजी से विस्तार हो रहा है। कुल 1,08,935 राजस्व गांवों में से 95,765 गांवों का भू-संदर्भीकरण कार्य पूरा हो चुका है।
इसके आधार पर खरीफ और रबी दोनों मौसम में बड़े पैमाने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया है। खरीफ मौसम में 5.37 करोड़ से अधिक खेतों का सर्वे अंतिम रूप से स्वीकृत किया गया, जबकि रबी मौसम में भी 5.56 करोड़ से अधिक खेतों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान पंजीकरण अभियान के माध्यम से किसानों का सटीक आंकड़ा तैयार करने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया है। किसानों को योजनाओं से जोड़ने के लिए किसान पंजीकरण अभियान को भी मिशन मोड में चलाया जा रहा है।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लगभग 2.88 करोड़ लाभार्थी हैं। सत्यापन अभियान के बाद 2.31 करोड़ से अधिक किसानों का आंकड़ा उपलब्ध हुआ है। इनमें से अब तक 1.67 करोड़ से अधिक किसान किसान पंजीकरण में शामिल हो चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 72 प्रतिशत है। इसके अलावा करीब 28 लाख किसान ऐसे भी हैं, जो इस योजना के लाभार्थी नहीं हैं, लेकिन पंजीकरण में शामिल किए गए हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान पंजीकरण के माध्यम से किसानों का सटीक अभिलेख तैयार होगा। इससे फसल बीमा, कृषि अनुदान और आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ सही किसान तक पहुंचाने में आसानी होगी और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
