यूपी में फर्जी ECHS कार्ड गिरोह का भंडाफोड़, मामले में चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कब्जाया मोबाइल फोन, आधार कार्ड
गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला परिक्षेत्र के ग्रेटर नोएडा बिसरख थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) कार्ड का दुरुपयोग कर इलाज कराने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से घटना में उपयोग मोबाइल फोन, व्हाट्सएप के माध्यम से इस्तेमाल किया गया फर्जी (ईसीएचएस) कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने मंगलवार को गिरोह का खुलासा कर यह जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों,शिखा सिंह, यश सिंह, जितेंद्र यादव और दानिश खान ने मिलकर शिकायतकर्ता की पुत्री के नाम पर फर्जी तरीके से ईसीएचएस कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। इन दस्तावेजों के जरिए तनु (स्व. सुरेंद्र सिंह की पुत्री) को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान करीब साढ़े छह लाख रुपये का खर्च ईसीएचएस के जरिए क्लेम किया गया, जिससे आरोपियों को अवैध लाभ मिला।
पिछले साल पांच अगस्त को इलाज के दौरान तनु की मृत्यु हो गई लेकिन आरोपियों ने सच्चाई छिपाने के लिए पीड़ित की जीवित पुत्री के नाम से ही फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनवा दिया। पुलिस द्वारा पूछताछ में शिखा सिंह ने बताया कि उसकी बहन तनु लंबे समय से बीमार थी और आर्थिक तंगी के चलते इलाज संभव नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान उसकी एक परिचित (स्वास्थ्य विभाग, बुलंदशहर) ने दानिश खान से संपर्क कराया।
दानिश ने कम खर्च में इलाज कराने का झांसा दिया और व्हाट्सएप के जरिए फर्जी ईसीएचएस कार्ड और आधार कार्ड भेजे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 29 जुलाई 2025 को तनु को दूसरे नाम से अस्पताल में भर्ती कराया गया। तनु की मौत के बाद भी आरोपियों ने फर्जी नाम से ही शव प्राप्त किया और पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की। इस काम के एवज में दानिश खान को करीब पैंसठ हजार रुपए ऑनलाइन और बाकी रकम नकद दी गई।
मुख्य आरोपी दानिश खान अपने साथी प्रदीप (निवासी बुलंदशहर) के साथ पिछले करीब दो वर्षों से इस तरह की धोखाधड़ी कर रहा है। दोनों ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो इलाज का खर्च बचाना चाहते थे। फर्जी दस्तावेजों के जरिए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराकर ईसीएचएस से क्लेम कराया जाता था और बदले में मोटी रकम वसूली जाती थी। दोनों पहले भी नोएडा फेस दो थाना से इसी तरह के मामले में जेल जा चुके हैं।
इस गिरोह के एक अन्य सदस्य प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और उसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्यों की पहचान शिखा सिंह (25), निवासी नंदग्राम, गाजियाबाद,यश सिंह (20), निवासी नंदग्राम, गाजियाबाद,जितेंद्र यादव (31), निवासी फिरोजाबाद दानिश खान (22), निवासी बुलंदशहर थाना बिसरख पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इस तरह फर्जी तरीके से इलाज दिलाया है।
