शाहजहांपुर : ड्रोन-मिसाइल हमलों के बीच 15 दिन रहकर लौटा परिवार

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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बहरीन में दहशत भरे माहौल के बाद सुरक्षित घर पहुंचा परिवार

तिलहर, अमृत विचार। नगर के मोहल्ला नितगंजा निवासी भाजपा नेता संजय पाठक की पुत्री प्रियंका पाठक अपने पति अनुज मिश्रा और बच्चों के साथ बहरीन में रहती थीं, जो 15 दिन तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच रहने के बाद भारत वापस लौटीं। इस दौरान परिवार ने बेहद भयावह हालात देखे और उन पलों को याद कर आज भी सिहर उठता है।

प्रियंका पाठक मार्च 2025 में अपने परिवार के साथ बहरीन गई थीं, हालांकि वह वर्ष 2011 से ही वहीं रह रही थीं। प्रियंका बहरीन में मॉडलिंग का काम करती हैं, जबकि उनके पति अनुज मिश्रा एसटीसी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। प्रियंका ने बताया कि फरवरी में वह एक मॉडलिंग शूट के लिए गई थीं, तभी करीब एक किलोमीटर दूरी पर मिसाइल धमाका हुआ। इसी दौरान उनके पति ने फोन कर बताया कि बहरीन में ईरान की ओर से हमला हुआ है और जहां हैं वहीं रुकने को कहा, लेकिन परिवार की चिंता में वह तुरंत घर के लिए निकल पड़ीं। रास्ते में चारों ओर धमाकों की आवाज, रोते-बिलखते लोग और लगातार बजते सायरन का मंजर था। घर पहुंचकर उन्होंने राहत की सांस ली, जब पति और बच्चे सुरक्षित मिले। इसके बाद परिवार को अन्य लोगों के साथ एक बेसमेंट में पहुंचाया गया, जहां वे करीब 15 दिनों तक रहे। इस दौरान 24 से 36 घंटे तक परिवार ने कार में ही समय बिताया और खाने-पीने का सीमित सामान ही उनके पास था। प्रियंका ने बताया कि रमजान के चलते सुबह और शाम कुछ समय के लिए हमले रुकते थे, तब वे लोग घर जाकर जल्दी-जल्दी खाना बनाकर वापस बेसमेंट लौट आते थे। सुरक्षा के चलते लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं किया जाता था, क्योंकि किसी भी समय धमाका होने का डर बना रहता था। एक बार चाय बनाते समय उन्होंने खिड़की के सामने ड्रोन आते देखा, जिसके बाद वह तुरंत घर से बाहर निकल गईं और परिवार को भी बाहर बुलाया।

अनुज मिश्रा ने बताया कि सामान्य दिनों में भारत आने का टिकट करीब 25 हजार रुपये में मिलता है, लेकिन इन हालात में एक टिकट के लिए करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च करने पड़े और पूरे परिवार पर लगभग 12 लाख रुपये का खर्च आया। उन्होंने बताया कि गल्फ एयरवेज और इंडियन एयरवेज की ओर से लोगों को बाहर निकालने के लिए उड़ानें संचालित की जा रही थीं। अनुज मिश्रा का दफ्तर भारतीय दूतावास के पास है, जहां से करीब 100 मीटर दूरी पर एक इमारत में धमाके के बाद आग लग गई थी, जिससे दहशत और बढ़ गई थी। भारत लौटने के बाद परिवार ने सरकार से अपील की है कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए। परिवार की सुरक्षित वापसी पर संजय पाठक और उनकी पत्नी शशि पाठक ने राहत जताते हुए ईश्वर का आभार व्यक्त किया। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष सौरभ गुप्ता रवि ने उनके घर पहुंचकर परिवार का हालचाल लिया और स्वागत किया।

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