कानपुर रेलखंड पर इंजीनियरिंग कार्य से कई ट्रेनें प्रभावित, ब्रिज संख्या 110 पर काम के कारण लिया गया ट्रैफिक ब्लॉक

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचारः रेलवे प्रशासन की ओर से कानपुर सेंट्रल स्टेशन और लखनऊ जंक्शन के बीच ब्रिज संख्या 110 पर इंजीनियरिंग कार्य के चलते ट्रैफिक व पावर ब्लॉक दिया गया है। इस कारण अप्रैल से मई 2026 के बीच कई ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन, आंशिक निरस्तीकरण, नियंत्रण और मार्ग परिवर्तन किया गया है।

इस अवधि में कई ट्रेनों को लखनऊ तक न चलाकर कानपुर में ही समाप्त किया जाएगा। कासगंज-लखनऊ पैसेंजर अब कानपुर अनवरगंज तक ही चलेगी, जबकि आगरा फोर्ट-लखनऊ एक्सप्रेस, पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस और वीरांगना लक्ष्मीबाई जंक्शन-लखनऊ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ही यात्रा समाप्त करेंगी। वापसी में ये ट्रेनें लखनऊ की जगह कानपुर से ही शुरु होंगी, जिससे यात्रियों को बीच के खंड में वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

लोकमान्य तिलक टर्मिनस-सीतापुर एक्सप्रेस को विभिन्न तिथियों पर लगभग 210 मिनट (साढ़े तीन घंटे) नियंत्रित कर चलाया जाएगा। इससे इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय का ध्यान रखना होगा। नई दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेस को गाजियाबाद-कानपुर मार्ग की जगह मुरादाबाद के रास्ते चलाया जाएगा, जिससे अलीगढ़, इटावा और कानपुर जैसे स्टेशनों पर इसका ठहराव समाप्त रहेगा। इसी तरह बरौनी, दरभंगा और नई दिल्ली के बीच चलने वाली विशेष गाड़ियां भी सीतापुर सिटी, शाहजहांपुर और बरेली मार्ग से संचालित होंगी, जिससे कानपुर सेंट्रल स्टेशन और ऐशबाग स्टेशन प्रभावित रहेंगे।

लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर

उदयपुर-कामाख्या, बान्द्रा-लखनऊ, सूरत-मुजफ्फरपुर, साबरमती-मुजफ्फरपुर और अहमदाबाद-दरभंगा जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। इसके अलावा गोरखपुर जाने वाली कई ट्रेनें, जैसे लोकमान्य तिलक, पनवेल, ओखा, यशवंतपुर और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से चलने वाली गाड़ियां प्रयागराज और प्रतापगढ़ के रास्ते चलाई जाएंगी, जिससे लखनऊ और बाराबंकी जैसे स्टेशनों पर उनका ठहराव नहीं होगा।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। मार्ग परिवर्तन और आंशिक निरस्तीकरण के कारण यात्रा योजनाओं में बदलाव संभव है। यह अस्थायी व्यवस्था 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक लागू रहेगी, जिसके बाद संचालन सामान्य होने की संभावना है।

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