Israel US Iran War: इजरायली पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान... "ईरान दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर पाएगा, हम जीत रहे हैं!"
Israel US Iran War: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तीव्र जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के महज 20 दिनों में ईरान की यूरेनियम संवर्धन और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर ईरान के प्रमुख प्राकृतिक गैस फील्ड पर आगे के हमलों को रोकने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल ने हालिया गैस फील्ड हमले में अकेले ही कार्रवाई की थी।
इजरायल के तीन बड़े लक्ष्य
पीएम ने ऑपरेशन राइजिंग लायन (जिसे कुछ जगहों पर रोअरिंग लायन भी कहा जा रहा है) के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा:
1. ईरान के परमाणु खतरे को जड़ से खत्म करना।
2. बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को पूरी तरह समाप्त करना।
3. ईरानी जनता के लिए ऐसे हालात बनाना, जिसमें वे अपनी आजादी हासिल कर सकें और अपना भविष्य खुद तय कर सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान दशकों से बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम का इस्तेमाल दूर के ठिकानों पर हमले के लिए कर रहा है, और अगर इसे न रोका जाता तो यह सिर्फ शुरुआत होती।
ईरान का ब्लैकमेलिंग का खेल नाकाम
नेतन्याहू ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। यह कभी कामयाब नहीं होगा।" उन्होंने बताया कि इजरायल खुफिया जानकारी और अन्य तरीकों से अमेरिका के होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के प्रयासों में सहयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा, "कल्पना कीजिए, अगर अयातुल्ला शासन के पास परमाणु हथियारों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें होतीं, तो वे पूरी दुनिया को कैसे ब्लैकमेल करते!"
"मैं जिंदा हूं" – अफवाहों पर करारा जवाब
सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहों के बीच नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा, "मैं जिंदा हूं और आप सब इसके गवाह हैं!" उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और इजरायल की मजबूत साझेदारी की तारीफ की और कहा कि दोनों देश 'बेमिसाल ताकत' के साथ ईरान के खिलाफ काम कर रहे हैं।
ईरान तबाह, इजरायल विजयी
पीएम ने दावा किया, "हम जीत रहे हैं और ईरान तबाह हो रहा है।" उन्होंने बताया कि ईरान के मिसाइल-ड्रोन जखीरे, परमाणु ढांचे, हवाई रक्षा प्रणाली और नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। "अभी भी बहुत कुछ बाकी है और हम उसे पूरा करेंगे," उन्होंने जोर देकर कहा।
