गैस किल्लत : कोयले की भट्ठी और अंगीठी की बढ़ी मांग
बाजार में इंडक्शन के बराबर कोयले की भट्ठी की कीमत
बरेली, अमृत विचार। गैस किल्लत से रसोइघरों का बजट गड़बड़ा गया है। लोग पारंपरिक विकल्पों की तरफ रूख कर रहे हैं। यही वजह है कि जो कोयले की भट्ठियां पहले एक हजार से 15 सौ रुपये में मिल जाती थीं। अब उनके दाम बढ़ गए हैं। बाजार में औसतन एक इंडक्शन चूल्हे की कीमत करीब तीन हजार रुपये है। इतने ही दाम में कोयले की भट्ठी बेची जा रही है।
बांस मंडी में इन दिनों युद्ध स्तर पर भट्ठियां, चूल्हे और अंगीठी बनाने का काम चल रहा है। स्थानीय कारीगर मोहम्मद नाजिम के अनुसार जब से गैस की किल्लत शुरू हुई है, तब से इन पारंपरिक साधनों की मांग कई गुना बढ़ गई है। आमतौर पर गर्मियों की शुरुआत में अंगीठी और भट्ठियों का बाजार पूरी तरह ठंडा रहता था, लेकिन इस साल स्थिति बिलकुल अलग है। लोहे के छोटे चूल्हे, जो पहले 150 रुपये में बिकते थे, अब 250 से 300 रुपये में बिक रहे हैं।
नाजिम के मुताबिक होटल और रेस्टोरेंट में गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अब वहां के संचालक कोयले वाली भट्ठियों की मांग कर रहे हैं। भट्ठियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। ग्राहक मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हैं। वहीं, कारीगर हाफिज का कहना है कि पहले वे केवल गैस वाली भट्ठियां ही बनाते थे, लेकिन अब मांग को देखते हुए पूरी तरह कोयले वाली भट्ठियां तैयार करने में जुट गए हैं।
