Dhurandhar: The Revenge Film Review: नए भारत की कूटनीति को बयां करती फिल्म

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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धुरंधर: द रिवेंज, एक ऐसी फिल्म, जिसे आप दम साधे पूरी देखना चाहेंगे। कोई डिस्टरबेंस आप को पसंद नहीं आएगा, आप की नजरें रुपहले पर्दे पर ही टिकी होगी, जिज्ञासा चरम पर होगी इसके बाद क्या? आप बस यही सोचेंगे, इसके सिवाय कुछ नहीं... यदि आप ने धुरंधर का पहला भाग देखा है, तो आप अनुभूत करेंगे कि ये उस से कहीं बेहतर है, फिल्म की एडीटिंग गजब की है, स्क्रिप्ट भी बेहतरीन और एक्टिंग तो ऐसी की, भाई सभी कलाकारों को सैल्यूट करने को जी करता है। ये भारतीय सिनेमा की सफल और बेहतरीन फिल्मों की सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराएगी।

सन 2014 के बाद का भारत, अब केवल बदला नहीं लेता, घर में घुसकर मारता भी है। मोदी जी, टीवी पर नोटबंदी की घोषणा करते हैं और बर्बाद पाकिस्तान होता है, ये फिल्मी शोशा नहीं, हकीकत थी। कराची में आईएसआई के इशारे पर बड़े पैमाने पर फेक करेंसी यानी नकली नोट बड़े पैमाने पर छपते और ये नेपाल या कश्मीर के रास्ते से भारत लाया जाता। ठीक है फिल्म की कहानी में कुछ नाटकीयता है, किंतु इसके बाद भी ये फिल्म, कराची के इस सदी के प्रथम दशक की कहानी बयां करती है। 

रॉ के लोग पहले भी पाकिस्तान में सक्रिय थे, वे सूचना भेजते, किंतु उस पर कड़ी कार्यवाही नहीं होती थी, पर अब अजीत डोभाल देश की सुरक्षा संभाल रहे है, जो स्वयं कभी पाकिस्तान में भारत के जासूस रहे है, अब जो इनपुट हमारे एजेंट्स वहां से भेजते हैं, उस पर तुरंत कार्यवाही होती है। यूपी के माफिया अतीक अहमद, पाकिस्तान की संस्थाएं, दाऊद सबका गठबंधन सच्चाई है और यही इस फिल्म का आधार है। बीते वर्ष में अनेक मोस्ट वांटेड आतंकी या उनके अन्नदाता जो पाकिस्तान में थे, अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा कत्ल कर दिए गए।

यही है नया भारत। जमील साहब यानी राकेश बेदी साहब की एक्टिंग तो कमाल की है, आर माधवन, सान्याल साहब के रूप में, संजय दत्त एसपी चौधरी के रूप में, फिल्म का हीरो रणवीर सिंह, सब ने अपने रोल के साथ न्याय किया है, अर्जुन रामपाल (मेजर इकबाल) क्रूरता घृणा चेहरे से झलकी, गजब की एक्टिंग, दो कमियां भी बताते चलूं, अत्याधिक वीभत्स हिंसक सीन और कुछ अश्लील संवाद, इसलिए सेंसर बोर्ड ने ए सर्टिफिकेट दिया है, निर्देशक इसके बिना भी यदि फिल्म बनाते तो वो उतनी ही प्रभावशाली होती, इसकी जरूरत नहीं थी। यह फिल्म निश्चित ही सुपरहिट होगी और भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में अपना स्थान बनाएगी। निर्देशक और पटकथा लेखन, दोनों आदित्य धर ने किया, वे निश्चित ही बधाई के पात्र हैं और पुरस्कार के भी।- डॉ.संजय अनंत 

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