विराट कोहली की भावुक यादें: "18 साल का सफर आंखों के सामने घूम गया... आखिरी गेंदों का इंतजार सबसे मुश्किल था!"

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Published By Muskan Dixit
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बेंगलुरुः भारतीय स्टार क्रिकेटर विराट कोहली ने इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लंबे इंतजार के बाद मिले पहले खिताब की जीत के उस भावुक पल को बयां करते हुए कहा कि आखिरी गेंदों का इंतजार उस रात का सबसे मुश्किल हिस्सा था।

कोहली ने उन पलों का याद करते हुए कहा, "पिछले 18 सालों का पूरा सफर मेरी आंखों के सामने घूम रहा है। उन्होंने कहा कुल मिलाकर, यह हम सभी के लिए एक शानदार रात थी। सच कहूं तो, यह मेरे लिए काफी अवास्तविक था, जब आखिर में सब कुछ हो रहा था तो यह अविश्वसनीय लग रहा था। आंखों के सामने बहुत सी चीजें घूम गईं। पिछले 18 सालों का पूरा सफर। सारे उतार-चढ़ाव, सारे अच्छे पल, बुरे पल। उन्होंने कहा कि आखिरी कुछ गेंदों का इंतजार करना शायद उस रात का सबसे मुश्किल हिस्सा था।"

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इस अनुभवी बल्लेबाज ने इस बात पर बल दिया कि यह जीत उन लोगों के लिए खास मायने रखती थी जो आरसीबी टीम का हिस्सा शुरू से ही रहे हैं। उन्होंने रमेश माने जैसे सपोर्ट स्टाफ सदस्यों के साथ फ्रैंचाइजी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा, "आरसीबी में हम सभी के लिए यह एक बहुत ही खास रात थी। मैं पहले दिन से ही यहां हूं और रमेश माने भी। हम शायद आरसीबी ग्रुप के सबसे पुराने सदस्य हैं। जब हम फाइनल में पहुंचे, तो मुझे एक शांत आत्मविश्वास महसूस हुआ। लेकिन आप यह भी समझते हैं कि यह कोई आसान काम नहीं होने वाला है। यह एक फ़ाइनल है और दूसरी टीम भी है जिसने वहाँ तक पहुंचने के लिए सच में बहुत अच्छा खेला है।"

कोहली ने कहा कि लीग में पहले मिली हारों के जख्मों ने टीम की सोच को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई, जिससे उन्हें दबाव में भी अपना ध्यान केंद्रित रखने में मदद मिली।

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उन्होंने कहा, "अतीत में जो मौके हमारे हाथ से लगभग निकल गए थे। जब हम फ़ाइनल तक पहुंचे, लेकिन जीत नहीं पाए।उसे देखते हुए, मुझे लगता है कि उस इतिहास ने हमें अपना संयम बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रेरणा दी। खासकर वह आखिरी ओवर, जब आपको पता होता है कि जीत पक्की हो चुकी है। बस यही उम्मीद थी कि जोश कोई 'नो बॉल' न फेंक दे जो वह आमतौर पर कभी नहीं करता। आत्मविश्वास तो बहुत था, लेकिन फिर भी आप एक बेहतरीन नतीजे की ही उम्मीद करते हैं। आखिरी कुछ गेंदों का इंतजार करना शायद उस रात का सबसे मुश्किल हिस्सा था।"

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