स्मार्ट मीटर का खर्च अब उठाएंगी कंपनी: विद्युत नियामक आयोग का बड़ा फैसला, उपभोक्ताओं को राहत

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: विद्युत नियामक आयोग ने कहा कि अब यदि नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं तो उस पर आने वाले धन की जिम्मेदारी उस समय मीटर लगाने वाली कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की होगी। उधर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि बार-बार मीटर बदल कर कंपनियां उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालती जा रही हैं, जो कि बंद होना चाहिए।

परिषद के अध्यक्ष ने सोमवार को विद्युत नियामक आयोग में कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। कभी तकनीकी और कभी सुधार के नाम पर मीटर कंपनियां मालामाल हो रही हैं, जबकि उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ डाला जा रहा है। इस तरह उपभोक्ता पर हर माह करीब 100 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोढ बढ़ जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2019 में स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत 2-जी एवं 3-जी तकनीक आधारित मीटरों से की थी। उस समय राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पुरानी तकनीक के मीटर लगाए जाने का विरोध किया था। कहा था कि भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए उन्नत तकनीक के मीटर लगाए जाएं। वर्तमान में लगभग दो करोड़ 80 लाख उपभोक्ताओं के घरों में 4-जी तकनीक आधारित स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पावर कॉरपोरेशन बताएगा कि जब फिर तकनीकी बदली और नए मीटर लगाए तो उसका खर्च फिर उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।

 

 

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