दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित देश पाकिस्तान: छठे नंबर पर भारत, यूपी का लोनी विश्व का सबसे प्रदूषित शहर

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

दिल्ली। भारत वायु प्रदूषण के प्रमुख कारक सूक्ष्म कण (पीएम) के स्तर के मामले में दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश, जबकि उत्तर प्रदेश का लोनी विश्व स्तर पर सबसे प्रदूषित शहर है। यह जानकारी विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट, 2025 में दी गयी है। स्विट्जरलैंड की वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी आईक्यूएयर द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के आठवें संस्करण में 143 देशों, क्षेत्रों के 9,446 शहरों में स्थित निगरानी केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। विश्व के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से पांच भारत के हैं - लोनी, बिर्नीहाट, दिल्ली, गाजियाबाद और उला। 

रिपोर्ट में कहा गया है, ''दुनिया के 25 सबसे प्रदूषित शहर भारत, पाकिस्तान और चीन में स्थित हैं, जिनमें से चार सबसे प्रदूषित शहरों में से तीन भारत में हैं। भारत का लोनी शहर सबसे प्रदूषित शहर है, जहां पीएम2.5 की वार्षिक औसत सांद्रता 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई है, जो 2024 से लगभग 23 प्रतिशत अधिक है और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देश से 22 गुना से भी अधिक है।'

पाकिस्तान दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित देश 

पाकिस्तान महीन वायु प्रदूषक कणों की दृष्टि से दुनिया का सबसे प्रदूषित देश है जबकि भारत छठे नंबर पर है। विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट, 2025 से यह जानकारी सामने आयी है। स्विटरजरलैंड की वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी 'आईक्यूएयर' द्वारा प्रकाशित आठवीं रिपोर्ट में 143 देशों, क्षेत्रों और प्रदेशों के 9,446 शहरों में स्थित निगरानी स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सबसे प्रदूषित देश है। उसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो का स्थान आता है। भारत छठे नंबर पर है। 

भारत में प्रदूषित शहरों की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश का लोनी विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित शहर बताया गया है। इसी क्रम में दिल्ली दुनिया का चौथा सबसे अधिक प्रदूषित शहर है। इतना ही नहीं विश्व के दस सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से पांच भारत में हैं जिनमें लोनी, बिर्नीहाट, दिल्ली, गाजियाबाद और उला शामिल हैं। इस वर्ष की रिपोर्ट की तुलना पिछले वर्ष से करने पर, 54 देशों में पीएम2.5 के वार्षिक औसत में वृद्धि देखी गई, 75 देशों में गिरावट आई, दो देशों में कोई बदलाव नहीं हुआ और 12 देश इस वर्ष के आंकड़ों में नए सिरे से शामिल किए गए हैं। 

भारत छठे नंबर पर

रिपोर्ट में कहा गया है, ''वैश्विक शहरों में से केवल 14 प्रतिशत शहर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के वार्षिक पीएम2.5 दिशानिर्देश पांच माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर वायुक्षेत्र को पूरा कर पाए, जो पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से कम है। ''केवल तेरह देश/क्षेत्र ही डब्ल्यूएचओ के वार्षिक औसत पीएम2.5 दिशानिर्देश पर खरा उतरे हैं। वे फ्रेंच पोलिनेशिया, प्यूर्तो रिको, यूएस वर्जिन आइलैंड्स, बारबाडोस, न्यू कैलेडोनिया, आइसलैंड, बरमूडा, रीयूनियन, अंडोरा, ऑस्ट्रेलिया, ग्रेनाडा, पनामा और एस्तोनिया हैं।'' 

रिपोर्ट में साथ ही कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तीव्र हुई जंगल की आग ने 2025 में वैश्विक वायु गुणवत्ता में गिरावट लाने में प्रमुख भूमिका निभाई। यूरोप और कनाडा से रिकॉर्ड बायोमास उत्सर्जन ने लगभग 1,380 मेगाटन कार्बन में योगदान दिया।

रिपोर्ट के आठ साल के इतिहास में दूसरी बार कनाडा उत्तरी अमेरिका का सबसे प्रदूषित देश था क्योंकि उसकी दूसरी सबसे खराब जंगल की आग ने कनाडा, अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में हवा की गुणवत्ता पर असर डाला। यूरोप में, 23 देशों में वार्षिक औसत पीएम2.5 सांद्रता में वृद्धि दर्ज की गई, 18 देशों में गिरावट दर्ज की गई और एक देश को इसमें नया जोड़ा गया।

ये भी पढ़ें  :
अब Swiggy ने भी बढ़ाया Platform Fee, जोमैटो के मुकाबले प्रति ऑर्डर देने होंगे 17.58 रुपये

संबंधित समाचार