Moradabad: ईरानी संकट के बीच स्प्रिंग फेयर के ऑर्डर पर चिंता बरकरार
मुरादाबाद, अमृत विचार। पिछले माह आयोजित स्प्रिंग फेयर में पीतलनगरी के निर्यातकों और विदेशी बायर्स के बीच हुए ऑर्डर को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ईरानी संकट का असर दिख रहा है। निर्यातकों का कहना है कि फेयर के दौरान जिन ऑर्डरों को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई थी, उनमें से कुछ गल्फ देशों के ऑर्डर फिलहाल होल्ड पर चले गए हैं। इससे निर्यातकों की चिंता बरकरार है।
मेटल हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने बताया कि स्प्रिंग फेयर के दौरान कई देशों के बायर्स के साथ ऑर्डर को लेकर अच्छी बातचीत हुई थी। हालांकि हालिया ईरानी संकट के चलते गल्फ क्षेत्र के कुछ बायर्स ने ऑर्डर को फिलहाल रोक दिया है या निर्णय टाल दिया है। वहीं यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों से आने वाले ऑर्डर पर अभी तक कोई खास असर नहीं पड़ा है और वहां की मांग सामान्य बनी हुई है। फेयर का आयोजन फरवरी में होना निर्यातकों के लिए राहत की बात रहा। यदि यह आयोजन मार्च या अप्रैल में होता तो मौजूदा हालात के चलते निर्यातकों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता था और कई संभावित ऑर्डर प्रभावित हो जाते।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री अमित अग्रवाल ने बताया कि स्प्रिंग फेयर के दौरान जिन बायर्स से ऑर्डर को लेकर बातचीत हुई थी, उनमें से कई ऑर्डर अभी प्रोसेस में थे। लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अब इन ऑर्डरों को अंतिम रूप लेने में समय लग रहा है। उनका कहना है कि निर्यातक उम्मीद कर रहे हैं कि हालात सामान्य होने के बाद ये ऑर्डर दोबारा गति पकड़ेंगे। मुरादाबाद के पीतल और मेटल हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत मांग है। ऐसे में यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं तो आने वाले महीनों में निर्यात गतिविधियों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
मुरादाबाद से 11 हजार करोड़ का निर्यात
मुरादाबाद से हर साल करीब 11 हजार करोड़ रुपये के पीतल और अन्य मेटल उत्पादों का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है। इसमें करीब 25 से 30 प्रतिशत निर्यात गल्फ देशों में होता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में पैदा होने वाली किसी भी तरह की अस्थिरता का असर पीतलनगरी के निर्यात कारोबार पर हर बार पड़ने की आशंका रहती है।
