रामलला दर्शन के लिए चलना पड़ रहा 2 से 3 किमी., कड़ी धूप-बैरिकेडिंग ले रही श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा
अयोध्या, अमृत विचार। रामनवमी मेले में कड़ी धूप व जगह-जगह लगी बैरिकेडिंग श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा ले रही है। राम मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। धर्मपथ और रामपथ पर कहीं भी छांव के इंतजाम नहीं दिख रहे। दोपहर की तपती धूप में रामभक्त पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे थकान से चूर होकर भी जय श्रीराम का जयघोष आस्था का पग नाप रहे हैं। कहीं बैरिकेडिंग के नीचे से तो कहीं फांदकर निकलने का प्रयास कर रहे हैं।
एक अनुमान के अनुसार रामनवमी के पावन पर्व पर 20 लाख से अधिक श्रद्धालु रामनगरी पहुंच सकते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से धर्मपथ व रामपथ पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है, बुधवार को सिर्फ कुछ गोल्फकार्ट वाहनों का ही संचालन हो रहा था। सिटी ई-बस सेवा का भी संचालन टेढ़ी बाजार चौराहे से हो रहा था। इसके चलते राम मंदिर व हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को दो से तीन किमी.की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। कड़ी धूप में इन दोनों पथों पर कहीं छांव का इंतजाम न होने के कारण श्रद्धालुओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
रामपथ पर श्रृंगार हाट में मिले संत कबीर नगर से आए जितेंद्र, पिंकी, रेनू, मोहित, सुधाकर आदि ने बताया कि बस से आए हैं, हाईवे से धर्मपथ से लता चौक होते हुए रामपथ पर चल रहे हैं। करीब तीन किमी. चल चुके हैं लेकिन कहीं भी छांव नहीं मिली। हालांकि प्रशासन ने जगह-जगह ठंडे पेयजल की व्यवस्था जरूर कर रखी है। बलिया से आए बुजुर्ग दंपत्ति विजयकांत पांडेय व रमा देवी भी गर्मी से बेहाल दिखे, कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था करने के बीच प्रशासन छांव के इंतजाम करना कैसे भूल गया। फुटपाथ पर एक दुकान पर बैठकर कुछ देर आराम किया है।
व्यापारियों के विरोध के बाद भी रामपथ के डिवाइडर पर लगी स्थायी बैरिकेडिंग
व्यापारियों व स्थानीय लोगों के विरोध के बाद भी प्रशासन ने रामपथ पर श्रीराम अस्पताल से श्रृंगार हाट तक के डिवाइडर पर स्थायी बैरिकेडिंग लगाना शुरू कर दिया। ध्यान रहे कि कार्तिक पूर्णिमा मेले के दौरान प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाने का प्रयास किया था। जिसका व्यापारियों ने विरोध किया था। मामले ने तूल पकड़ा तो जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही व नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने हस्तक्षेप कर मामले को ठंडा कराया।
बैरिकेडिंग लगाने का काम रोक दिया गया था। अब रामनवमी मेले को लेकर स्थायी बैरिकेडिंग का कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है। इस बार कोई विरोध भी नहीं हो रहा। हालांकि व्यापारी नेता इसको लेकर आक्रोशित जरूर हैं। व्यापारी राकेश गुप्त, शैलेंद्र गुप्ता, ओंकार गुप्ता, राकेश चौरसिया, अमन शुक्ला आदि भी इसका विरोध करते हैं, उनका कहना है कि इससे दुकान तक माल पहुंचना बड़ा कठिन हो जाएगा। साथ ही व्यापार भी प्रभावित होगा।
सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से डिवाइडर पर बैरिकेडिंग लगाई जा रही है। अभी इसे श्रीराम अस्पताल से श्रृंगार हाट तक ही लगाया जाएगा। हर दो बैरिकेडिंग के बाद आने-जाने के लिए जगह छोड़ी जा रही है। साथ ही पहले से जो कट बने हैं उन्हें आम दिनों में खोला रखा जाएगा।-आशुतोष तिवारी, क्षेत्राधिकारी अयोध्या।
