Chaitra Navratri : चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी आज, देवी मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब

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Published By Deepak Mishra
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प्रयागराज। चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज शक्ति भक्ति में सराबोर नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आदि शक्तिपीठ अलोपशंकरी, ललिता देवी और कल्याणी देवी मंदिरों में भोर से ही 'जय माता दी' के उद्घोष गूंजते रहे।

ललिता देवी मंदिर में महाअष्टमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रातः आरती के बाद जैसे ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फल और मिष्ठान्न अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष महाअष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग बनने से पूजा का महत्व और बढ़ गया।

अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1:51 बजे से प्रारंभ होकर 26 मार्च सुबह 11:49 बजे तक रही, जिसके चलते सुबह के समय पूजन विशेष फलदायी माना गया। मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहा। शहर में घर-घर कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और हलवा-पूरी व चने का प्रसाद वितरित किया।

त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख मंदिरों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।

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