प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस से फोन पर की बात, ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के युवराज और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर चर्चा की और इस दौरान जहाजरानी परिवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। सऊदी अरब के युवराज के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की भारत की ओर से फिर से निंदा की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मैंने सऊदी अरब के युवराज और प्रधानमंत्री, महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और जहाजरानी मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए। उन्होंने कहा, ''सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।''
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से सऊदी अरब के प्रधानमंत्री और युवराज के बीच दूसरी बार टेलीफोन पर बातचीत हुई है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया है जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसियों और इजराइल को निशाना बनाया है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है जिसके माध्यम से विश्व की 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन होता है।
ईरान ने संघर्ष के बाद बहुत कम जहाजों को इसे पार करने की अनुमति दी है। मोदी ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद कई विश्व नेताओं से बात की है, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, ईरान, फ्रांस, इजराइल और मलेशिया के नेता शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में सैन्य अभियान के बाद मोदी से बात की है। ट्रंप से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्होंने ''पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान किया''।
