Bareilly: समय सीमा खत्म, पर नहीं तय हो सका तौहीद का गुनहगार, जांच कमेटी की सुस्त चाल पर उठे सवाल

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। सैटेलाइट बस स्टैंड के जानलेवा नाले में समाए ट्रक चालक तौहीद की मौत के बाद नगर निगम का न्याय सवालों के घेरे में है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने घटना के 30 घंटे बाद जब तौहीद का निर्जीव शरीर नाले से निकला, तो आनन-फानन में अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। 

कड़े निर्देश दिए थे कि 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाए। लेकिन, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कमेटी की रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। अब सोमवार को जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही जा रही है। इधर, नगर निगम के गलियारों में यह चर्चा आम है कि सोमवार तक रिपोर्ट खिसकाने के पीछे असल खेल निर्माण विभाग के रसूखदार अभियंताओं को बचाना है। 

नियमतः नाले पर स्लैब डालने और उसकी समय-समय पर मरम्मत करने की जिम्मेदारी निर्माण विभाग की थी, जिसकी घोर अनदेखी ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। जांच कमेटी में निर्माण विभाग के अभियंता को शामिल करने पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो निर्माण विभाग के अभियंताओं के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के वह सफाई निरीक्षक और नायक भी नपेंगे, जिन्होंने खुले नाले की सूचना देना जरूरी नहीं समझा।

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