आजमगढ़ : पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर गिरफ्तार, अवैध तमंचा, चोरी का माल व वाहन बरामद
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन सामने आया है। कुल आठ घंटे के अंदर तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में हत्या के प्रयास, चोरी व गोवध कांड के तीन शातिर बदमाशों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग, के बाद पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है इन तीनों के पास से अवैध तमंचा, चोरी का माल व वाहन बरामद हुआ है।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार* के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत हुई। पहली मुठभेड़ 28 मार्च की रात लगभग 9:00 के आसपास थाना तरवां, के बहलोलपुर गांव के पास हुई जिसमें पूर्व रंजिश में टैम्पू चालक पर जानलेवा फायरिंग करने वाला शातिर अभियुक्त रमेश यादव उर्फ अनार यादव घायल हुआ है। उल्लेखनीय है कि वादी श्याम नारायण मौर्य निवासी ग्राम सिंहपुर थाना तरवां पर जानलेवा फायरिंग किया था।
उन्हीं की तहरीर पर रमेश यादव उर्फ अनार यादव पुत्र सदन यादव निवासी सिंहपुर, थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। अभियुक्त घटना के बाद से फरार चल रहा था। इसी क्रम में दूसरी मुठभेड़ थाना कोतवाली नगर, की पुलिस टीम के साथ मोहती घाट क्षेत्र में 28/29 मार्च की मध्यरात्रि हुई, जिसमें मारपीट कर बैग, लैपटॉप व मोबाइल लूटने वाला अन्तर्जनपदीय शातिर बदमाश धर्मेन्द्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह पुत्र अशोक सिंह निवासी ग्राम चकलालचन, थाना जीयनपुर, उम्र करीब 35 वर्ष को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त धर्मेंद्र सिंह ने थाना कोतवाली क्षेत्र के शिवाजी नगर में एक व्यक्ति से मारपीट कर बैग, लैपटॉप व मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस संबंध में थाना स्थानीय पर वादी राममिलन यादव पुत्र स्व0 श्री सुखदेव प्रसाद निवासी हर्षनगर थाना कोतवाली रायबरेली की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
तीसरी मुठभेड़ 29 मार्च की लगभग 4:00 बजे सुबह थाना गम्भीरपुर, क्षेत्र के रोहुआ मुस्तफाबाद इलाके में हुई जहां प्रतिबंधित पशुओं का वध कर प्रतिबंधित मांस तस्करी करने वाला वांछित अभियुक्त शादाब अहमद पुत्र स्व0 अब्दुल रज्जाक, निवासी कमरावा, थाना गंभीरपुर, जनपद आजमगढ़, उम्र करीब 40 वर्ष को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने बताया कि वह अपने भाई सरफराज अहमद व रईश अहमद के साथ मिलकर संगठित रूप से प्रतिबंधित पशुओं का वध कर उनके मांस की अवैध बिक्री करने की बात कबूल किया। तीनों मुठभेड़ों में सम्बन्धित थानों की पुलिस टीमों द्वारा उच्च साहस, सतर्कता व तत्परता का परिचय देते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। थानाध्यक्षगण, उपनिरीक्षकगण एवं पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही।
