बरेली: गली-मोहल्लों तक नहीं पहुंच रही सरकारी अलाव की ‘आंच’
अमृत विचार, बरेली। ठंड से बचाने के सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। शहर के गली-मोहल्लों तक सरकारी अलाव की आंच अब तक नहीं पहुंच पाई है। दिसम्बर माह समाप्ति की ओर है। ठंड दिनों-दिन बढ़ने लगी है। शाम ढलते ही अलाव की जरूरत लोगों को महसूस होती है। ऐसे में गरीब लोग ठंड …
अमृत विचार, बरेली। ठंड से बचाने के सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। शहर के गली-मोहल्लों तक सरकारी अलाव की आंच अब तक नहीं पहुंच पाई है। दिसम्बर माह समाप्ति की ओर है। ठंड दिनों-दिन बढ़ने लगी है। शाम ढलते ही अलाव की जरूरत लोगों को महसूस होती है। ऐसे में गरीब लोग ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। अलाव के नाम पर लकड़ी गिराने में भी खेल किया जा रहा है। जिन जगहों पर अलाव जलाया जा रहा है वहां कम मात्रा में लकड़ी गिरने से कुछ समय बाद आंच मंद पड़ जा रही है।
शहर के 80 वार्डों में 251 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने का जिम्मेदार दावा कर रहे हैं लेकिन निगम के इंतजाम में खामियां दिख रही हैं। जिम्मेदार अलाव स्थलों पर 50 की जगह 20 किलो लकड़ी गिरा रहे हैं। बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए बनाए गए अलाव स्थल पर प्रत्येक दिन 50 किलो सूखी लकड़ी गिरानी होती है पर शहर में किसी भी अलाव स्थल पर 50 किलो लकड़ी नहीं गिराई जा रही है।
अधिकांश जगहों पर 20 किलो लकड़ी गिराकर अलाव जलाया जा रहा है। कुछ देर बाद लकड़ी खत्म हो जा रही है। लोग मजबूरी में ठंड से बचने के लिए दूसरा उपाय ढूंढ रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कतें वार्डों के अंदर स्थित चौराहों की है। इन जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके कारण लोग मजबूरी में कूड़ा जलाकर ठंड से बच रहे हैं।
बिना टेंडर लकड़ी खरीदी
ठंड से लोगों को बचाने के लिए हर साल अलाव के लिए लकड़ी की खरीदारी की जाती है। इस बार निविदा प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इतना जरूर है कि गांधी उद्यान के पुराने सूखे पेड़ से शहरवासियों को राहत मिल रही है। इसके भरोसे शहर की अलाव व्यवस्था चल रही है। लापरवाही इस कदर है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने में यह माह निकल जाएगा। इससे साफ जाहिर होता है कि अलाव के लिए होने वाली लकड़ी की निविदा प्रक्रिया के प्रति पहले से सजगता नहीं रही है।
अलाव की व्यवस्था सभी वार्डों में करने को कहा गया है। मैं खुद रात में निकल कर बहुत जल्द निरीक्षण करूंगा। इसमें लापरवाही मिली तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ठंड से बचाने के लिए अलाव बहुत जरूरी है। अगर किसी जगह अलाव नहीं जल रहा है तो लोग शिकायत करें। इससे तुरंत व्यवस्था ठीक होगी। – डा. उमेश गौतम, महापौर
