सीएम योगी ने की कृषि विभाग की समीक्षा,फार्मर रजिस्ट्री को प्रदेशभर में तेजी से लागू करने के निर्देश
-ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर, 1 मई तक पोर्टल होगा क्रियाशील, सभी योजनाएं होंगी एकीकृत
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था तय समयसीमा में तैयार की जाए और विभागीय पोर्टल को 1 मई 2026 तक पूरी तरह क्रियाशील बनाया जाए। इससे लाभार्थियों के चयन और वितरण की प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी हो सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने आवास पर बुधवार को कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में फार्मर रजिस्ट्री को प्रदेशभर में तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक पात्र किसान का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए और कोई भी किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसे कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है, जिससे विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं में लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में यदि कोई त्रुटि है, तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए। साथ ही प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभाग किसान पहचान पत्र के उपयोग के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें और 31 मई तक आवश्यक तैयारियां पूरी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से किसानों तक पहुंचेगा, अनावश्यक जटिलताएं समाप्त होंगी और संसाधनों का लक्षित उपयोग सुनिश्चित होगा।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री?
• सभी किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस
• एक पहचान के आधार पर सभी योजनाओं का लाभ
• आधार लिंक के जरिए डेटा सत्यापन
• लाभार्थियों की पारदर्शी पहचान और चयन
• डुप्लीकेट लाभ पर रोक
