यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई : पाकिस्‍तानी आका के इशारे पर आतंक फैलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार सदस्य गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने कथित तौर पर पाकिस्‍तानी आका के निर्देश पर रेलवे अवसंरचना सहित देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रचने में 'शामिल' गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने यहां जारी एक बयान में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविल (25) और अरबाब (20) तथा गौतम बुद्ध नगर जिले के छपरौला निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) के रूप में हुई है। 

यश के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से एक अदद कैन (ज्वलनशील पदार्थ), सात अदद स्मार्ट फोन, 24 पर्चा और आधार कार्ड बरामद किया गया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्‍तानी आका के संपर्क में थे। बयान में कहा गया कि सभी आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे और इनका इरादा डर फैलाना और देश को आर्थिक क्षति पहुंचाना था। 

अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) ने बयान में कहा कि जांच के दौरान पाया गया कि गिरोह का मुख्य सरगना साकिब उर्फ डेविड मेरठ में नाई का काम करता है और सोशल मीडिया मंच टेलीग्राम, सिग्‍नल और इंस्टाग्राम के जरिये पाकिस्तानी आकाओं, विभिन्न कट्टरपंथी समूहों तथा अफगानिस्तान के कई लोगों से जुड़ा हुआ था। 

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह देश की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने, 'रेलवे सिग्नल बॉक्स' को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने जैसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह राजनीतिक हस्तियों की निगरानी करने में भी लगा था। बयान में कहा गया कि आरोपियों द्वारा कुछ स्थानों पर छोटी आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया गया और इसके वीडियो पाकिस्तानी आकाओं को भेजकर क्‍यूआर कोड के माध्यम से पैसे मंगाए जाते थे। 

पाकिस्‍तानी आका टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्‍यम से ''ओसामा बिन लादेन'', ''फतुल्ला गोरी'', ''कश्मीर मुजाहिदीन'', ''गजवा-ए-हिंद'' तथा धर्म के आधार पर वाहन जलाने की साजिश रचने के लिए उकसाते थे। बयान में कहा गया कि साकिब के गांव का ही अरबाब उसके साथ इस कार्य में शामिल था। इसके अलावा विकास गहलावत और लोकेश उर्फ पपला पंडित भी पैसों की लालच में प्रति‍ष्ठित संस्थानों की निगरानी कर उसकी सूचना उन्‍हें मुहैया कराते थे। 

इस गिरोह ने लखनऊ, गाजियाबाद, अलीगढ़ आदि शहरों में निगरानी की और 'रेलवे सिगनल बाक्‍स' की सूचना दी। उन्‍होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के एटीएस थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा अन्य अधिनियमों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 

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