लखनऊ के गिरजाघरों में श्रद्धा के साथ मनाया गया गुड फ्राइडे : यीशु मसीह के बलिदान को याद कर निकाले गए जुलूस, हुई विशेष प्रार्थनाएं
लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी के विभिन्न गिरजाघरों में गुड फ्राइडे श्रद्धा, शांति और भावनात्मक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ईसा मसीह के बलिदान की स्मृति में उनके प्रतीक को सूली पर चढ़ाकर जुलूस निकाले गए और श्रद्धालुओं ने विशेष प्रार्थनाएं कर विश्व शांति की कामना की। हजरतगंज स्थित कैथेड्रल चर्च, लालबाग का मेथोडिस्ट चर्च, होली रिडीमर चर्च और असेंबली ऑफ बिलीवर्स चर्च सहित शहर के प्रमुख गिरजाघरों में सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। गुड फ्राइडे की पूर्व संध्या से ही प्रार्थनाओं का क्रम शुरू हो गया था, जो शुक्रवार को विशेष आराधना के साथ संपन्न हुआ।

फादर मॉरिस ने बताया कि अलीगंज स्थित असेंबली ऑफ बिलीवर्स चर्च में दोपहर 12 से 3 बजे तक विशेष आराधना हुई। कार्यक्रम की शुरुआत भाई अंकुर के गीत से हुई, जिसने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। “जो क्रूस पे जाती है…” और “जो क्रूस पे कुर्बान है…” जैसे भजनों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। पादरी मॉरिस कुमार ने यीशु मसीह के सात वचनों का वर्णन करते हुए प्रेम, क्षमा और त्याग का संदेश दिया। कार्यक्रम में “क्रूस का मंजर” लघुनाटिका और बच्चों की कोरियोग्राफी ने उपस्थित लोगों को भावुक किया। लगभग 120 लोगों ने इसमें भाग लिया।
वहीं बुद्धेश्वर स्थित ‘दया का घर’ में बेतसैदा फैलोशिप ट्रस्ट के तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। आर्चबिशप डॉ. आरसी शेत ने यीशु के बलिदान को मानवता के उद्धार का संदेश बताया। साथ ही नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया।
