UP By-elections 2026: घोसी, दुद्धी और फरीदपुर में ‘2027 के सेमीफाइनल’ की तैयारी शुरू, देखें किसका पलड़ा भारी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: यूपी की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी समय चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। इन तीनों सीटों के उपचुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है, जिसमें भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर तय है।

दरअसल, 15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों की घोषणा की थी, लेकिन यूपी उप-चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। इससे अटकलें लगीं कि चुनाव टल सकते हैं, हालांकि अब संकेत हैं कि अप्रैल माह में कार्यक्रम घोषित हो सकता है। 

तीनों सीटों पर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। भाजपा जहां संगठनात्मक मजबूती और सरकारी योजनाओं के आधार पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है, वहीं सपा सामाजिक समीकरण और सहानुभूति कार्ड के सहारे मुकाबला करने की तैयारी में है। सपा इन उपचुनावों को जल्दी कराने के पक्ष में है ताकि माहौल अपने पक्ष में बनाया जा सके।

घोसी सीट सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद खाली हुई है। यहां सपा ने उनके बेटे सुजीत सिंह को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है, जबकि भाजपा अभी प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। दुद्धी सीट पर भी सपा विधायक विजय सिंह गोंड के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। यहां सपा परिवार के सदस्य को टिकट देने की तैयारी में है, जबकि भाजपा श्रवण कुमार को मैदान में उतार सकती है, जो पिछले चुनाव में हार चुके थे।

फरीदपुर सीट भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन के कारण खाली हुई है। यहां भाजपा सहानुभूति के आधार पर उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दे सकती है। उनके बेटे ईशान ग्वाल और अन्य दावेदार भी सक्रिय हैं।

वहीं सपा पूर्व विधायक विजय पाल सिंह को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। बसपा फिलहाल इन सीटों पर सक्रिय नजर नहीं आ रही है, लेकिन अगर वह उम्मीदवार उतारती है तो मुकाबले के समीकरण बदल सकते हैं और इसका असर खासतौर पर सपा के वोट बैंक पर पड़ सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही इन उपचुनावों का सीधा असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर न पड़े, लेकिन यह चुनाव माहौल बनाने और बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। यही कारण है कि भाजपा और सपा दोनों इन सीटों पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

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