'फार्मर रजिस्ट्री' नहीं करा पाने वाले किसानों को मिलेगा एक और मौका, कानपुर में 6 अप्रैल से विशेष अभियान
कानपुरः उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से 'फार्मर रजिस्ट्री' (किसान आईडी) अभियान को तेज करने जा रही है। कानपुर जिले में अब भी करीब 29 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी रजिस्ट्री नहीं कराई है। इन किसानों के लिए छह अप्रैल से 31 मई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिले में अब तक 2,41,877 किसानों में से 1,73,580 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 71.76 प्रतिशत है। शेष किसानों को जोड़ने के लिए प्रशासन ने पंचायत सहायकों, लेखपालों और कृषि विभाग की टीमों को जिम्मेदारी सौंपी है, जो गांव-गांव जाकर कैंप लगाएंगी।
गौरतलब है कि फार्मर रजिस्ट्री एक तरह की 'किसान आईडी' है, जिसमें किसान का नाम, खसरा-खतौनी विवरण और आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों में पहुंच सके।
फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद किसानो को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि सब्सिडी और केसीसी का लाभ सीधे खाते में मिलेगा जबकि बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। सरकारी केंद्रों पर अनाज बेचने के लिए रजिस्ट्री अनिवार्य होगी। पंजीकरण के लिए किसानों को आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और खतौनी की प्रति साथ रखनी होगी। पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल, जन सेवा केंद्र या गांव में लगने वाले कैंपों के माध्यम से कराया जा सकता है। भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने बताया कि छह अप्रैल से विशेष कैंप लगाकर छूटे हुए किसानों की रजिस्ट्री की जाएगी।
वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 31 मई तक सभी पात्र किसानों को इस अभियान से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी किसान आईडी बनवा लें, ताकि सरकारी योजनाओं और खरीद प्रणाली का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
