NEET UG 2026 : बहराइच की सौम्या वर्मा ने हासिल की MBBS सीट, परिवार में बनीं चौथी डॉक्टर
कृषि विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धर्मराज लोधी की पोती सौम्या वर्मा ने NEET UG 2026 में 599 अंक और AIR 4599 हासिल कर एमबीबीएस में बनाया स्थान
बहराइच के कैसरगंज निवासी कृषि विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धर्मराज लोधी के परिवार ने शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। उनकी पोती सौम्या वर्मा ने NEET UG 2026 में 599 अंक और ऑल इंडिया रैंक 4599 हासिल कर एमबीबीएस में प्रवेश सुनिश्चित किया। इसके साथ ही परिवार से पिछले 10 वर्षों में चार सदस्य डॉक्टर बन चुके हैं।
कैसरगंज (बहराइच), अमृत विचार । नगर पंचायत कैसरगंज के रानीबाग निवासी और कृषि विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धर्मराज लोधी के परिवार ने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। सीमित संसाधनों के बावजूद इस परिवार ने महज 10 वर्षों में चार एमबीबीएस डॉक्टर देकर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और शिक्षा के प्रति समर्पण सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
NEET UG 2026 में सौम्या ने लहराया परचम
परिवार की इस उपलब्धि में नया अध्याय जोड़ते हुए धर्मराज लोधी के बड़े पुत्र विजयराज लोधी की पुत्री सौम्या वर्मा ने NEET UG 2026 में 599 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4599 हासिल की है। इस प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने एमबीबीएस में प्रवेश सुनिश्चित किया है। सौम्या की सफलता से परिवार ही नहीं, पूरे कैसरगंज क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
परिवार से पहले ही बन चुके हैं तीन डॉक्टर
सौम्या से पहले इसी परिवार के डॉ. लाल जी वर्मा, डॉ. रीना वर्मा और डॉ. अनुज वर्मा एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चिकित्सा सेवा से जुड़े हुए हैं। डॉ. अनुज वर्मा नगर पंचायत कैसरगंज के पूर्व चेयरमैन पद प्रत्याशी अर्जुन सिंह लोधी के पुत्र हैं।
शिक्षा को प्राथमिकता ने बदली तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मराज लोधी के परिवार ने यह साबित किया है कि आर्थिक संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बनती, यदि परिवार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। यही वजह है कि यह परिवार आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
क्षेत्र में खुशी, मिल रही बधाइयां
सौम्या वर्मा की सफलता पर सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने परिवार को बधाई दी है। लोगों ने इसे बहराइच जिले और कैसरगंज के लिए गौरव की बात बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करेगी।
