यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अभियंता और सहायक वैज्ञानिकों की भर्ती, परीक्षा में बड़ा बदलाव अब इस तरह होगा एग्जाम
27 अप्रैल को 15 शहरों में होगी सीबीटी, आईआईटी कानपुर कराएगा परीक्षा
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए इसे गेट की तर्ज पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) से कराने का फैसला किया है। इस परीक्षा का आयोजन आईआईटी कानपुर द्वारा 27 अप्रैल को प्रदेश के 15 शहरों में किया जाएगा।
यह परीक्षा पर्यावरण अभियंता और सहायक वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 40 पदों के लिए होगी। दो घंटे के पेपर में कुल 400 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए करीब 6,500 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बोर्ड पहली बार लिखित परीक्षा के माध्यम से भर्ती कर रहा है, जबकि पहले केवल साक्षात्कार के आधार पर चयन होता था। नई चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले चरण में सीबीटी होगी और इसके बाद 70 अंकों का साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। अंतिम मेरिट सूची 470 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी, जिससे चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक पहचान की जाएगी, जिसमें फिंगरप्रिंट स्कैन और लाइव फोटो कैप्चर शामिल है। इन आंकड़ों का मिलान एडमिट कार्ड और आवेदन पत्र से किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा रोका जा सके।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा में वही पहचान पत्र लेकर आएं, जो उन्होंने आवेदन के समय इस्तेमाल किया था, ताकि सत्यापन में किसी तरह की दिक्कत न हो।
इन शहरों में बनाए परीक्षा केंद्र
परीक्षा लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, झांसी, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, बरेली, अयोध्या और मुरादाबाद समेत 15 शहरों में आयोजित की जाएगी।
