जालौन : डीएम ने गेहूं क्रय केंद्रों का किया निरीक्षण, बोरे की कमी पर जताई नाराजगी
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार को कालपी और छौक स्थित गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने बोरे की कमी के कारण गेहूं की ढुलाई और खरीद प्रभावित होने की बात कही।
इस पर जिलाधिकारी ने खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और किसी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने पाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का किया औचक निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने छात्राओं से पहाड़े सुनकर उनकी शैक्षणिक प्रगति का भी आकलन किया और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। इस दौरान छात्राओं ने पुस्तकें और अतिरिक्त कॉपियां उपलब्ध कराने, विद्यालय के सामने मैदान के समतलीकरण तथा बाउंड्री वॉल ऊंची कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने इन मांगों को प्राथमिकता पर पूरा कराने का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया, जिस पर छात्राओं ने मेन्यू के अनुसार समय से भोजन मिलने की पुष्टि की। उन्होंने छात्राओं को किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल वार्डन को देने की सलाह दी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे तथा विद्यालय को आदर्श संस्थान के रूप में विकसित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह एवं वार्डन उपस्थित रहीं।
