UP: रूस से ताबूत में आया युवक का शव, गमगीन माहौल के बीच किया सुपुर्द खाक

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मसवासी, अमृत विचार। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान गोली लगने से जान गंवाने वाले मसवासी क्षेत्र के युवक का शव शनिवार दोपहर जैसे ही सीतारामपुर गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई।

मसवासी क्षेत्र के गांव सीतारामपुर के मजरा फतेहगंज निवासी दूल्हा हसन का पुत्र शावेद(22) करीब दस माह पहले पर्यटक वीजा पर रूस गया था। जहां उसे एक होटल में वेटर की नौकरी करनी थी। लेकिन वह सेना में भर्ती हो गया और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते उसे मोर्चे पर तैनात कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि 12 सितंबर 2025 को यूक्रेन के एक लड़ाकू विमान के मिशन के दौरान उसे गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। 

घटना की सूचना परिजनों को गुरुवार देर शाम मिली। शनिवार तड़के उसका शव दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां से परिजन उसे लेकर गांव पहुंचे। शव को देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शनिवार दोपहर जैसे ही शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। दूर-दराज के गांवों से भी लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। नम आंखों के बीच युवक के जनाजे को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।

विदेश मंत्रालय के दखल से मिला शव
रूसी सेना में शामिल युवक शावेद की मौत करीब छह महीने पहले सितंबर 2025 में हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार उसका फोन बंद आ रहा था। उसके साथ हल्द्वानी का एक युवक भी घायल हुआ था। जो घायल अवस्था में वापिस लौट आया। लेकिन उसने कोई बात परिजनों को नहीं बताई। करीब छह महीने पहले से परिजनों से संपर्क टूटने के बाद परिवार के लोगों ने रामपुर सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी से मामले में बात की। 

उसके बाद सांसद ने भारत के केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने मामले में परिजनों की मदद की, इसके बाद गुरुवार को उनको युवक की मौत के बारे में पता चला। ताबूत पर लगी लिस्ट के पर युवक की मौत की तिथि अंकित है। सांसद ने युवक की मौत पर दुख जताया है।

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