Iran US War: अमेरिकी आर्मी ने मौत के मुंह में जाकर बचाई पायलट की जान, जानें कैसे ईरान में गोलीबारी के बीच किया रेस्क्यू
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि ईरान में गोलीबारी के बीच फंसे अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के लापता चालक दल सदस्य (एक सम्मानित कर्नल) को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक बचा लिया है।
ट्रंप ने कहा, “मेरे प्यारे अमेरिकी नागरिकों, पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने अपने एक असाधारण क्रू सदस्य अधिकारी के लिए अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। अब वह सुरक्षित हैं।”
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ट्रंप के मुख्य बयान
- अमेरिकी सेना ने दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान बचाव अभियान के लिए भेजे।
- लापता कर्नल ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाके में था, जहां दुश्मन उनका पीछा कर रहे थे।
- पूरा बचाव अभियान राष्ट्रपति (कमांडर इन चीफ), युद्ध सचिव, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ और साथी सैनिकों की 24 घंटे निगरानी में चला।
- ट्रंप ने कहा कि यह योद्धा अब सुरक्षित है, हालांकि उसे कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह ठीक हो जाएगा।
जानें पूरी डीटेल
शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को ईरान ने अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर गिरा दिया था। विमान के एक चालक दल सदस्य को पहले ही बचा लिया गया था, जबकि दूसरा (कर्नल) लापता हो गया था और ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में उतरा था।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पायलट को जिंदा पकड़ने वाले के लिए 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम घोषित किया था और पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
बचाव अभियान की सफलता के बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर दिया। उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अंतिम ultimatum देते हुए कहा कि या तो समझौता कर लो या होर्मुज की खाड़ी खोल दो, वरना “all hell will reign down” यानी ईरान पर भयंकर हमले होंगे।
