Uttrakhand: 53 से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंची एलपीजी की डिलीवरी, पीएनजी के 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण 

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Published By Monis Khan
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देहरादून, अमृत विचार। पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर जानकारियां साझा कीं। डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर ताजा जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है। उन्होंने बताया कि एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखंड में 5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई। 29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई औरमार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई है। इसी तरह 5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई। 29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई। और मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई है।

पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध
ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में गेल गैस, उधम सिंह नगर में अडानी गैस प्रा. लि., हरिद्वार में एचएनजीपीएल और नैनीताल में एचपीसीएल शामिल हैं।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश
इतना ही नहीं उत्तराखंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।
53 से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंची एलपीजी की डिलीवरी

3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी का भी विस्तार
पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर जानकारियां साझा कीं। डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर ताजा जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है। उन्होंने बताया कि एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखंड में 5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई। 29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई और मार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई है। इसी तरह 5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई। 29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई और मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई है।

पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध
ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में गेल गैस, उधम सिंह नगर में अडानी गैस प्रा. लि., हरिद्वार में एचएनजीपीएल और नैनीताल में एचपीसीएल शामिल हैं।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश
इतना ही नहीं उत्तराखंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

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