योगी कैबिनेट में 22 प्रस्तावों पर लगी मुहर, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ाया मानदेय, जानिए कितनी हुई बढ़ोत्तरी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। 

कैबिनेट ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने को मंजूरी दे दी है। नया बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई 2026 से लागू होगा।

शिक्षा मंत्री का बयान

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया है। उन्होंने बताया कि अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी एक अप्रैल से लागू मानी जाएगी और मई से बढ़ा हुआ भुगतान खातों में आना शुरू होगा। प्रदेश में लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्र और करीब 24 हजार अनुदेशक कार्यरत हैं। इस निर्णय से राज्य सरकार पर करीब 217 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

बैठक में अन्य अहम फैसले

कैबिनेट की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट की खरीद का भी शामिल है। 

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक प्रदेश में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट छात्रों को दिए जा चुके हैं। अब अतिरिक्त 25 लाख टैबलेट खरीदने की मंजूरी मिल गई है, जिससे डिजिटल शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।

यह फैसला शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। योगी सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

परिवहन क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है। पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी मिली है। पहले चरण में 23 बस अड्डों की प्रक्रिया जारी थी, अब कुल 52 जनपदों को इससे जोड़ा जाएगा। बस अड्डों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके अलावा हाथरस (सिकंदराराऊ), बुलंदशहर (डिबाई) और बलरामपुर (तुलसीपुर) में विभिन्न विभागों की जमीन बस अड्डा निर्माण के लिए हस्तांतरित करने को भी स्वीकृति दी गई। 

मंत्री असीम अरुण ने बताया कि 'डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना' के तहत समाज सुधारकों की मूर्तियों के आसपास छतरी, बाउंड्री और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों के स्थल शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े 8 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें, शाहजहांपुर में एग्रो केमिकल्स प्लांट (589 करोड़), गोरखपुर में एथेनॉल उत्पादन क्षमता विस्तार (669 करोड़) और बुंदेलखंड व यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में सोलर प्लांट (3805 करोड़) शामिल है। 

इसके अलावा प्रयागराज में बिसलेरी प्लांट (269 करोड़), हाथरस में कैन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (1128 करोड़ और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में बैटरी व सोलर सेल प्लांट (1146 करोड़) को मंजूरी मिली है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब तक करीब 60 लाख स्मार्टफोन व टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। कैबिनेट ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जिलों में भारत-पाक विभाजन के दौरान आए विस्थापित परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी।

कुल मिलाकर, योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में शिक्षा, बुनियादी ढांचा, निवेश और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका व्यापक असर प्रदेश के लाखों लोगों पर पड़ेगा। 

संबंधित समाचार