फर्जी रजिस्ट्री के खेल में शामिल LDA कर्मचारी गिरफ्तार, एलडीए के उपसचिव ने दिसंबर 2022 में दर्ज कराई थी FIR
पुलिस ने दाखिल कर दी थी चार्जशीट, कोर्ट ने जारी किया था एनबीडब्ल्यू
लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ विकास प्राधिकरण के भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री कर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपी को कमिश्नरेट के आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एलडीए के उपसचिव दिसंबर 2022 को एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें एलडीए का कनिष्ठ लिपिक धीरज श्रीवास्तव आरोपी था। वह रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से फरार हो गया। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया।
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी धीरज श्रीवास्तव एलडीए में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात था। वह त्रिवेणीनगर के श्रीपुरम का रहने वाला है। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्राधिकरण के भूखंडों को फर्जी खरीदारों के नाम आवंटित कर उनकी रजिस्ट्री कर दी और रुपये हासिल किये थे।
मामले के खुलासे के बाद एलडीए के उप सचिव माधवेश कुमार ने 14 दिसंबर 2022 को गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान मामले को कमिश्नरेट के आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया। करीब चार वर्ष से फरार चल रहे आरोपी धीरज श्रीवास्तव के खिलाफ 22 जनवरी को कोर्ट गैरजमानती वारंट जारी किया। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अन्य आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
