UP : बजट का एक तिहाई भी नहीं खर्च कर पाये कई विभाग, सुस्ती उजागर 

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो सका। विभागों की धीमी कार्यशैली के चलते पूंजीगत व्यय (विकास कार्य) के लिए निर्धारित धनराशि का करीब एक तिहाई हिस्सा खर्च नहीं हो पाया।

आंकड़ों के अनुसार, विकास कार्यों के लिए 2.59 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन केवल 1.75 लाख करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके, जो कुल बजट का 67.45 प्रतिशत है। यानी 32.55 प्रतिशत राशि उपयोग से बाहर रह गई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पीडब्ल्यूडी (भवन), सिंचाई निर्माण, कारागार, मत्स्य, डेयरी उद्योग और हैंडलूम जैसे विभाग अपने आवंटन का आधा बजट भी खर्च नहीं कर सके। इससे विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई। हालांकि स्वास्थ्य (परिवार कल्याण), होमगार्ड, समाज कल्याण (दिव्यांगजन), तकनीकी शिक्षा और पर्यटन विभागों ने 90 प्रतिशत से अधिक बजट खर्च कर बेहतर प्रदर्शन किया।

चुनाव से पहले सरकार सतर्क
प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार अब विकास कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारने की तैयारी में है। शीर्ष स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकों के बावजूद पिछले वर्ष लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागों से अग्रिम कार्ययोजनाएं मांगी गई हैं, ताकि अप्रैल से ही योजनाओं का क्रियान्वयन तेज किया जा सके।
बॉक्स: वित्तीय स्थिति एक नजर में (2025-26)

• कुल बजट: ₹8.79 लाख करोड़
• कुल खर्च: ₹6.61 लाख करोड़ (75.1%)

पूंजीगत व्यय (विकास कार्य)
• आवंटन: ₹2.59 लाख करोड़

• खर्च: ₹1.75 लाख करोड़ (67.45%)
राजस्व व्यय

• आवंटन: ₹6.20 लाख करोड़
• खर्च: ₹4.86 लाख करोड़ (78.36%)

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