Moradabad: सीज फायर से मिले अवसर से निर्यातक उत्साहित, कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध में तात्कालिक सीज फायर से मिले अवसर से हस्तशिल्पी और हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े निर्यातक उत्साहित हैं। पहले ट्रंप टैरिफ की मार झेलने के बाद अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच युद्ध से परिस्थितियों पर काफी असर पड़ा। युद्ध के चलते ईंधन की किल्लत और उसके चलते उत्पादों की बढ़ी कीमतों से बेजार हो रहे बाजार को अब बूम की उम्मीद जगी है।

ईपीसीएच हाउस में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज विनोद खन्ना ने कहा कि सीज फायर का निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। इस दौरान जो सामान डंप पड़े थे उसकी बिक्री को गति मिलेगी और कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि टैरिफ वार की चुनौतियों से निपटने के साथ ही नये बाजार आस्ट्रेलिया, यूके, इटली व अन्य देशों से व्यापारिक रिश्तों को बढ़ाकर उसे मजबूती दी गई। उन्होंने बताया कि जयपुर और जोधपुर में टेस्टिंग लैब स्थापित कराई है, इसका जल्द उद्घाटन कराया जाएगा। ईपीसीएच का मुख्य उद्देश्य भारत के हस्तशिल्प सेक्टर को दुनिया का सबसे पसंदीदा सोर्सिंग डेस्टीनेशन बनाना है। बताया कि पिछले साल 2 जून को उन्होंने ईपीसीएच के चेयरमैन पद का चार्ज लिया था। चुनौतियों को स्वीकार कर आगे कदम बढ़ाया। बताया कि फरवरी फेयर में जगह बढ़ाकर निर्यातकों को अवसर दिया गया। इस बार इसमें एजूकेशनल वर्कशॉप शुरू कराया। नयी पीढ़ी को निर्यात इंडस्ट्री में अवसर प्रदान करने का ईपीसीएच मजबूत प्लेटफार्म बनकर उभरा है। इस भवन में कैश एंड कैरी सेंटर खुलना कारोबारियों के लिए बेहतर मौका है। यहां मुरादाबाद के हस्तशिल्पियों के उत्पाद और हस्तशिल्प के बेहतरीन नमूना प्रदर्शित हैं। खरीदारों को अत्याधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। इसमें कैफे भी संचालित किया जा रहा है। बताया कि जल्द ही ऑडिटोरियम बनेगा और निर्यातकों और आर्टीजन के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रियायत दी जाएगी। कामर्स सेक्टर की प्रदर्शनी लगाई जा सकेगी। इस दौरान नेशनल चेयरमैन यस जेपी सिंह, रोहित ढल, सुशील अग्रवाल पुनीत आर्य, कुलाल दवे, विवेक अग्रवाल, गगन दुग्गल सहित अन्य निर्यातक मौजूद रहे।

आपदा में निर्यातकों का पूरा सहयोग
ईपीसीएच के सीओएस सदस्य व मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल ने आगामी योजनाओं को बेहतर करने की प्रतिबद्धता जताई। कहा ईपीसीएच आपदा में निर्यातकों के साथ पूरा सहयोग करती है। चुनौतियों में सभी निर्यातक एकजुटता के साथ खड़े हैं। आगामी अक्टूबर फेयर में 30 प्रतिशत बायर अधिक आएंगे। नजलूम इस्लाम, नावेद उर रहमान ने कहा कि ईपीसीएच के फेयर में पूरे भारत की सहभागिता होती है। सलमान आजम और रोहित ढल ने ईपीसीएच के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। सीओएस सदस्य रश्मि दुग्गल ने कहा कि महिलाओं को ईपीसीएच के प्लेटफार्म से जोड़ने के लिए प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

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